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निवेश के नाम पर चिटफंड कंपनी ने हड़पे 21 लाख

Thu, 07 Oct 2021 01:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 01:36 AM IST
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fraud for 21 lakhe rupees
लखनऊ। ट्रिनिटी मल्टी क्रेडिट सोसाइटी के नाम से चल रही चिटफंड फर्म के खिलाफ चार निवेशकों ने 21 लाख रुपये हड़पने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए विकासनगर थाने में केस दर्ज कराया है। पीड़ितों ने बताया कि करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले निदेशक एक साल पहले गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन कंपनी के एजेंट निदेशक की गिरफ्तारी के बाद भी निवेश करा रहे थे।
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प्रभारी निरीक्षक विकासनगर आनंद तिवारी के मुताबिक, दिल्ली के शाहीन बाग में आफताब जैदी परिवार सहित रहते हैं। आफताब के मुताबिक, विकासनगर टेढ़ी पुलिया स्थित रॉयल बिल्डिंग में ट्रिनिटी मल्टी स्टेट क्रेडिट सोसाइटी का कार्यालय है। इस कंपनी की शाखा कई जिलों में है। आफताब के मुताबिक, सोसाइटी में आरडी, एफडी, दैनिक जमा और सुकन्या योजना में लोगों से निवेश कराया जाता था। आफताब ने कंपनी में 50 हजार रुपये लगाए थे। एक साल बीत जाने के बाद भी रुपये नहीं वापस किए। पूछने पर धमकी दी जाने लगी।
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वहीं, सिद्धार्थनगर निवासी अनूप चतुर्वेदी ने दस लाख, विकासनगर निवासी सुभाष चंद्र पाल ने पांच लाख और कानपुर सुजातगंज निवासी अब्दुल हलीम ने पांच लाख का निवेश किया था। इन लोगों को भी कंपनी निदेशक अरुण कुमार ने रुपये नहीं लौटाए। पूछताछ करने पर सोसाइटी के एमडी रामकेश शर्मा, माया त्रिवेदी, प्रशांत रंजन श्रीवास्तव, अनिल शर्मा, गोपाल सिंह, संतोष अग्रहरि, अनूप शर्मा, अरविंद पांडेय, विजय शंकर गुप्ता, शकुंतला, बजरंगी पाठक और अरुण कुमार ने धमकी देते हुए निवेशकों को भगा दिया। पीड़ितों ने विकासनगर थाने में केस दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, अरुण कुमार मार्च 2020 में गिरफ्तार किया गया था। अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। आफताब, अनूप चतुर्वेदी, सुभाष चंद्र पाल और अब्दुल हलीम के मुकदमों को पहले से चल रही जांच में जोड़ लिया गया है।
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एक हजार से अधिक ने किया निवेश
ट्रिनिटी मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की स्थापना 2016 में हुई थी। इस कंपनी ने कई लुभावनी योजनाओं में लोगों को मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया। करीब एक हजार से अधिक लोगों ने इस सोसाइटी में निवेश किया है। जांच में पुलिस को इस बात का पता चला है कि सोसाइटी, आरडी, एफडी, एआईएस, डेली डिपॉजिट और अन्य कई योजनाओं के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुकी है।
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