सेना में नौकरी के नाम पर छात्रों से लाखों की ठगी
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यूपी के कानपुर में सेना में निश्चित सेलेक्शन का सपना दिखाकर काकादेव की ‘दून डिफेंस एकेडमी’ सौ से ज्यादा स्टूडेंटों के लाखों रुपये लेकर भाग गई है। एकेडमी ने प्रति स्टूडेंट सात से 15 हजार रुपये फीस ली थी। अब पीड़ित स्टूडेंट सोमवार को काकादेव पुलिस को तहरीर देंगे।
काकादेव देवकी टाकीज की सामने वाली गली में स्थित ‘दून डिफेंस एकेडमी’ ने भारतीय सेना में निश्चित सेलेक्शन का भरोसा देकर जून-जुलाई 2015 में बड़ी संख्या में युवाओं को एडमिशन दिया। अभी तक तो जैसे-तैसे क्लास चलती रही लेकिन शनिवार से अचानक कोचिंग संचालक गायब हो गए।
पीड़ित छात्र अभिषेक सिंह, दीपक कुमार, विपिन कुमार, सौरभ मिश्रा, विकास यादव, अवधेश, शिवम राजपूत, सिद्धार्थ, विकास, अंकुर और राहुल आदि ने बताया कि एकेडमी के डॉयरेक्टर आदित्य प्रताप सिंह और मैनेजर रवि प्रकाश सिंह थे।
कुछ दिन से क्लास नियमित नहीं ली जा रही थी तो स्टूडेंटों ने विरोध जताया था और फीस वापस मांगी थी। शनिवार को एकेडमी बंद होने के बाद छात्रों ने मकान मालिक रोहित गुप्ता से पूछा तो पता चला कि उनका दो महीने से किराया (1.30 लाख रुपये) और 40 हजार रुपये बिजली बिल भी बकाया है।
कोचिंग कर्मचारियों का वेतन भी बकाया है। संचालक ने एक बार पहले स्टूडेंटों को कंपेनियन कोचिंग क्लासेस की मदद से पढ़ाई का भरोसा दिलाया था लेकिन कंपेनियन कोचिंग गए तो स्टूडेंटों से दोबारा फीस मांगी गई। सबने आदित्य का फोन मिलाया तो वह बंद मिला। स्टूडेंटो ने कहा कि सोमवार को इस मामले में तहरीर देंगे।
जानिए क्या है किसकी प्रतिक्रिया
कोचिंगों पर शिकंजे का अधिकार उच्च शिक्षा विभाग को है लेकिन विभाग किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा है। एक सर्वे के मुताबिक काकादेव और शहर के अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में अवैध तरीके से कोचिंग इंस्टीट्यूट चल रहे हैं। इनका रजिस्ट्रेशन उच्च शिक्षा विभाग से नहीं है।
क्या करें स्टूडेंट
किसी कोचिंग में एडमिशन लेने से पहले स्टूडेंटों को छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क करके जानकारी लेनी चाहिए। वहां कोचिंगों का रजिस्ट्रेशन होता है। जिस कोचिंग का रजिस्ट्रेशन हो, उसी में एडमिशन लेना ठीक रहता है।
इस कोचिंग का रजिस्ट्रेशन था या नहीं, इसकी जानकारी सोमवार को ली जाएगी, फिर आगे की कार्रवाई होगी। तमाम कोचिंग और इंस्टीट्यूट बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं। अभियान चलाकर इनकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। (डॉ. इंदु सक्सेना, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी)
आर्थिक नुकसान के कारण दून डिफेंस एकेडमी को बंद करना पड़ा है। जिन स्टूडेंटों से फीस ली है, उन्हें काकादेव की दूसरी कोचिंग (कंपेनियन एकेडमी) में शिफ्ट किया गया है। किसी स्टूडेंट को ठगा नहीं है। जितनी फीस ली, उतनी पढ़ाई करा दी है। जिन स्टूडेंटों से ज्यादा फीस ली गई है, उन्हें वापस किया जाएगा। कोचिंग बंद करके फरार होने का आरोप निराधार है। (आदित्य प्रताप सिंह, कोचिंग संचालक)