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पीएफआई के सदस्यों से मिलने जेल में फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर पहुंची चार महिलाएं, मुकदमा
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फर्जी आरपीसीआर रिपोर्ट लेकर परिवार के सदस्यों से जेल में मिलने गईं चार महिलाएं। (फोटो ः प्रतीकात?
- फोटो : ??? ?????
गोसाईंगंज जेल में बंद पीएफआई के दो सदस्यों से रविवार को चार महिलाएं मिलने गईं थी। सभी की आरटीपीसीआर रिपोर्ट जांच में फर्जी निकली। तत्काल चारों महिलाओं को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया।
जेलर अजय राय के मुताबिक, फरवरी में एटीएस ने पीएफआई के सदस्य केरल निवासी असंद बदरूद्दीन व फिरोज को गिरफ्तार किया था। दोनों को जेल में बंद किया गया है।
रविवार को आरोपियों से मिलने परिवार की चार महिलाएं, पांच बच्चे अपने दो वकील संग पहुंची थीं। जांच में तीन महिलाओं की आरटीपीसीआर रिपोर्ट फर्जी निकली। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। इस पर काफी हंगामा भी हुआ।
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महिलाओं की आरटीपीसीआर रिपोर्ट गुड़गांव की एक लैब की थी। लैब को कॉल कर रिपोर्ट का नंबर बताया गया। इसके बाद रिपोर्ट लैब की आईडी पर मेल की गईं।
कुछ देर बाद वहां के कर्मचारी ने कॉल कर बताया कि एक रिपोर्ट का सैंपल आया था। बाकी की रिपोर्ट का नहीं। जेलर ने बताया कि 23 सितंबर को दोनों बंदियों की पेशी थी।
इससे पहले पुलिस कमिश्नर का अलर्ट आया था कि दोनों बंदियों को कोर्ट में पेश किए जाने पर कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके बाद से सतर्कता और बरती जा रही थी।
डीसीपी पश्चिमी सोमेन वर्मा के मुताबिक, पूछताछ के बाद सभी को गोसाईंगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसीपी गोसाईंगंज स्वाति चौधरी के मुताबिक, जेलर की तहरीर पर नाजिमा बदरुद्दीन सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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जेलर अजय राय के मुताबिक, फरवरी में एटीएस ने पीएफआई के सदस्य केरल निवासी असंद बदरूद्दीन व फिरोज को गिरफ्तार किया था। दोनों को जेल में बंद किया गया है।
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रविवार को आरोपियों से मिलने परिवार की चार महिलाएं, पांच बच्चे अपने दो वकील संग पहुंची थीं। जांच में तीन महिलाओं की आरटीपीसीआर रिपोर्ट फर्जी निकली। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। इस पर काफी हंगामा भी हुआ।
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महिलाओं की आरटीपीसीआर रिपोर्ट गुड़गांव की एक लैब की थी। लैब को कॉल कर रिपोर्ट का नंबर बताया गया। इसके बाद रिपोर्ट लैब की आईडी पर मेल की गईं।
कुछ देर बाद वहां के कर्मचारी ने कॉल कर बताया कि एक रिपोर्ट का सैंपल आया था। बाकी की रिपोर्ट का नहीं। जेलर ने बताया कि 23 सितंबर को दोनों बंदियों की पेशी थी।
इससे पहले पुलिस कमिश्नर का अलर्ट आया था कि दोनों बंदियों को कोर्ट में पेश किए जाने पर कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके बाद से सतर्कता और बरती जा रही थी।
डीसीपी पश्चिमी सोमेन वर्मा के मुताबिक, पूछताछ के बाद सभी को गोसाईंगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसीपी गोसाईंगंज स्वाति चौधरी के मुताबिक, जेलर की तहरीर पर नाजिमा बदरुद्दीन सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।