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गोंडा: दूसरे के अभिलेख पर नौकरी कर रहे चार शिक्षक बर्खास्त, वेतन की रिकवरी की कार्रवाई शुरू
Fri, 06 May 2022 12:12 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 06 May 2022 12:12 AM IST
सार
एसआईटी की जांच में खुलासे के बाद दूसरे के अभिलेखों पर नौकरी कर रहे चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को एफआईआर कराने का आदेश दिया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों में दूसरे के शैक्षिक अभिलेखों पर नौकरी कर रहे चार शिक्षकों का खुलासा हुआ। एसआईटी ने जांच करके कार्रवाई की संस्तुति भेजी। गुरुवार को बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह ने चारों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया है कि संबंधित शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। साथ ही उनसे वेतन की रिकवरी की तैयारी शुरू हो गई है।
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इसमें तीन शिक्षक 12 साल से अधिक समय से फर्जीवाड़ा करके नौकरी करते रहे, और पदोन्नति पाकर प्रधानाध्यापक बन गए। बाद में इस बाद का खुलासा हुआ कि वह दूसरे के अभिलेख पर नौकरी कर रहे थे। बीएसए ने बताया कि चारों को उनके पते पर रजिस्ट्री डाक से सेवा समाप्ति के कार्रवाई का आदेश भेजा गया है।
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बेसिक शिक्षा में दूसरों के शैक्षिक अभिलेख पर नौकरी हथियाने का मामला पहले भी उजागर हो चुका है। 56 शिक्षकों को इससे पहले सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। वेतन की रिकवरी कराने के लिए कार्रवाई की जा रही थी। इसी बीच चार और शिक्षकों की रिपोर्ट सामने आई।
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बीएसए ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई की। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को बुलाकर स्कूलों में शिक्षकों के बारे में जानकारी ली। निर्देश दिया कि स्कूलों में शैक्षिक कार्य में किसी तरह की लापरवाही न हो। फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।