होटल में हुई चार मौतों का सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, परिवारीजनों की पुलिसकर्मियों से हाथापाई
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लखनऊ के विभूति खंड इलाके में होटल रंजीस के द्वितीय बेसमेंट स्थित एसी प्लांट के केबिन में शुक्रवार देर रात चार कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई। होटल का काम निपटाकर चारों युवक देर रात केबिन में अलाव जलाकर दरवाजा बंद करके सोए थे। पुलिस व फायरब्रिगेड की टीम ने पड़ताल कर चारों शव लोहिया अस्पताल भेजे।
आक्रोशित परिवारीजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने मालिक-मैनेजर के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज करके पड़ताल शुरू की है। होटल प्रबंधन से आर्थिक मदद दिलाने के साथ श्रम विभाग की तरफ से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
एसओ विभूति खंड सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि विक्रांत खंड में शहीद पथ के किनारे स्थित होटल रंजीस में टेक्नीशियन का काम देखने वाला निहाल, एसी मैकेनिक मो. सईद (24), पेंटर रामनरेश (31) और इलैक्ट्रीशियन रामकुमार (38) शुक्रवार रात 2:30 बजे तक काम करने के बाद द्वितीय बेसमेंट में स्थित एसी प्लांट के केबिन में सोने गए थे।
कड़ाके की ठंड के चलते तसले में अलाव जलाकर केबिन में रखा और दरवाजा बंद कर लिया था। होटल कर्मचारी सुरेंद्र कुमार ने शनिवार सुबह सात बजे केबिन का दरवाजा खोकर आवाज दी और जगाने के इरादे से उन्हें हिलाया। निहाल के मुंह से खून रिसता देख होटल की एचआर हेड पूनम वर्मा को कॉल की।
उन्होंने होटल मालिक रंजीत सिंह, पुलिस कंट्रोल रूम व फायर स्टेशन को फोन किया। एएसपी सिटी उत्तरी अनुराग वत्स, सीओ गोमतीनगर दीपक सिंह व सीएफओ अभयभान पांडेय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दम घुटने का मामला नजर आने पर चारों शव लोहिया अस्पताल भेजने के साथ छानबीन कर केबिन सील कर दिया।
होटल मालिक व प्रबंधन पर लगा आरोप
एसओ ने बताया कि चारों के परिवारीजनों ने होटल मालिक व प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इंदिरानगर के गांव चांदन निवासी निहाल के भाई मो. नियाज की तहरीर पर होटल मालिक रंजीत सिंह व मैनेजर के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज किया गया है।
इसी तरह विकासनगर के सेक्टर-12 विनायकपुरम झोपड़पट्टी निवासी रामनरेश के भाई राजेंद्र, गोमतीनगर के विशाल खंड-4 स्थित दारुल उलूम वारसिया मदरसा निवासी मो. सईद के पिता अब्दुल रशीद व गाजीपुर थाने के इस्माइलगंज निवासी रामकुमार के परिवारीजन ने हत्या व साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। तीनों की शिकायत को मो. नियाज द्वारा दर्ज कराए मुकदमे में शामिल करके तफ्तीश की जा रही है।
शव अस्पताल पहुंचाने के बाद घरवालों को दी खबर
हादसे की खबर पर परिवारीजन आननफानन में लोहिया अस्पताल पहुंचे। एंबुलेंस में चारों के शव देखकर भड़क उठे और हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। पुलिसकर्मियों से हाथापाई के साथ तोड़फोड़ की तो एसओ ने अतिरिक्त फोर्स की मांग की। आसपास के थानों की पुलिस व पीएसी मौके पर पहुंची।
मो. नियाज ने कहा कि भाई मो. निहाल होटल में रात नौ से सुबह छह बजे की ड्यूटी करता था। उसके घर न लौटने पर होटल फोन किया। टालमटोल के बाद बताया गया कि निहाल लोहिया अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल में एंबुलेंस में उसका शव मिला। इसी तरह अन्य तीनों युवकों के परिवारीजनों को अस्पताल में भर्ती होने की सूचना दी गई थी।
होटल मालिक-मैनेजर के खिलाफ रोष
शवों के पास बिलख रहे परिवारीजनों को पता चला कि होटल के कर्मचारी दिलीप सिंह ने चारों को अस्पताल पहुंचाया और शव छोड़कर भाग निकला। होटल मालिक, मैनेजर व अन्य अधिकारी के अस्पताल न पहुंचने से भड़के परिवारीजनों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग के साथ हंगामा शुरू किया। पुलिसकर्मियों से तीखी झड़प व हाथापाई हुई। मौके पर पहुंचे एसीएम से भी परिवारीजनों की नोकझोंक हुई।
सख्ती पर एक-एक लाख की मदद
एसओ ने बताया कि सख्त हिदायत पर होटल मालिक व प्रबंधक ने चारों कर्मचारियों के परिवारीजनों को 50-50 हजार रुपये की नकद सहायता के साथ 50-50 हजार रुपये के चेक दिए। इसके साथ श्रम विभाग के अधिकारियों ने मृतक आश्रितों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर परिवारीजनों को शांत कराया।
सीसीटीवी फुटेज से सुलझी गुत्थी
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने होटल के द्वितीय बेसमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। पता चला कि रात 2:30 बजे के बाद तीन युवक एसी प्लांट के केबिन में गए थे, जबकि पहले से ही केबिन में मौजूद निहाल ने बाहर निकलकर अलाव जलाया और 2:55 बजे अलाव लेकर केबिन में दाखिल हुआ। उसने 3:10 बजे दरवाजा बंद कर लिया था।
दम घुटने से मौत की पुष्टि
चारों कर्मचारियों के पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने दम घुटने से मौत की पुष्टि के साथ चारों के दिल, विसरा, फेफड़ा व खून का नमूना परीक्षण के लिए सुरक्षित किया है। एसओ ने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी।