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केजीएमयू के चार और डॉक्टर पॉजिटिव, गाइडलाइन बदलने पर हो रहा विचार
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केजीएमयू के चार और डॉक्टर पॉजिटिव, गाइडलाइन बदलने पर हो रहा विचार
केजीएमयू में संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है। सूत्र बताते हैं कि बृहस्पतिवार को चार डॉक्टर सहित 16 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
केजीएमयू प्रशासन डॉक्टरों के पॉजिटिव आने के मामले में जानकारी देने से इनकार कर रहा है और विभागवार सामूहिक जांच कराने का फैसला लिया है। साथ ही नई गाइडलाइन पर विचार भी किया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि दो दिन में हेल्थ वर्कर के जांच कराने, पॉजिटिव आने पर आइसोलेशन, क्वारंटीन और दोबारा ड्यूटी पर लेने आदि को लेकर मंथन चल रहा है।
अभी तक यहां चिकित्सकों और कर्मचारियों को मिलाकर 241 लोग पॉजिटिव आ चुके हैं। इसका एक कारण केजीएमयू परिसर में सर्वाधिक गंभीर मरीजों का भर्ती होना भी है।
राजधानी के चिकित्सा संस्थानों, अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व कर्मचारी लगातार कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टर व स्टाफ के संक्रमित होने की मूल वजह मरीजों व तीमारदार की असावधानी है।
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कई डॉक्टर प्रोसीजर के दौरान संक्रमित हुए हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह इमरजेंसी में मरीजों को रिपोर्ट दूसरे दिन मिल पाती है। ऐसे में 24 घंटे इलाज के दौरान जरा भी असावधानी हेल्थ वर्कर को पॉजिटिव बना दे रही है।
क्योंकि विभिन्न स्थानों से आने वाले मरीजों का होल्डिंग एरिया में इलाज शुरू कर दिया जाता है। कई में लक्षण नहीं होते हैं। ऐसे में हेल्थ वर्कर संक्रमित हो रहे हैं। जिसका नतीजा है कि अभी तक चिकित्सा संस्थानों में कुल मरीजों में करीब दो फीसदी हेल्थ वर्कर पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।
लोहिया संस्थान : पांच डॉक्टर, दस रेजिटेंड व 50 कर्मचारी पॉजिटिव
यहां करीब पांच डॉक्टर, दस रेजिटेंड और 50 कर्मचारी पॉजिटिव आ चुके हैं। यहां कोविड अस्पताल दूसरे परिसर में है। ऐसे में कोविड ड्यूटी करने वाले अथवा होल्डिंग एरिया में काम करने वाले रेजिडेंट व कर्मचारी पॉजिटिव आ रहे हैं। अन्य विभागों के डॉक्टर व कर्मचारी बचे हुए हैं।
पीजीआई में भी हालात ठीक नहीं
यहां भी कोविड अस्पताल अलग है, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके भट्ट सहित पांच संकाय सदस्य, दस रेजिडेंट 50 से ज्यादा कर्मचारी या उनके परिजन पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। यहां प्रोसीजर के दौरान दो संकाय सदस्य पॉजिटिव हो चुके हैं। हालांकि अभी तक माहभर का अतिरिक्त स्टाफ का बैकअप है। पीजीआई में कुल रेजिडेंटों की अब दोबारा कोविड वार्ड में ड्यूटी लगाई जा रही है।
दो माह में तीन बार बंद करना पड़ा सीएमओ कार्यालय
सीएमओ डॉ. आरपी सिंह, एसीएमओ सहित विभाग के करीब 25 कर्मचारी पॉजिटिव हो चुके हैं। दो माह के अंदर तीन बार सीएमओ कार्यालय बंद करना पड़ा है।
महानिदेशालय में भी कोरोना की मार
स्वास्थ्य परिवार कल्याण महानिदेशक मिथलेश चतुर्वेदी, स्वास्थ्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक डॉ. केके गुप्ता सहित करीब 20 अधिकारी व कर्मचारी पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।
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केजीएमयू में संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है। सूत्र बताते हैं कि बृहस्पतिवार को चार डॉक्टर सहित 16 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
केजीएमयू प्रशासन डॉक्टरों के पॉजिटिव आने के मामले में जानकारी देने से इनकार कर रहा है और विभागवार सामूहिक जांच कराने का फैसला लिया है। साथ ही नई गाइडलाइन पर विचार भी किया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि दो दिन में हेल्थ वर्कर के जांच कराने, पॉजिटिव आने पर आइसोलेशन, क्वारंटीन और दोबारा ड्यूटी पर लेने आदि को लेकर मंथन चल रहा है।
अभी तक यहां चिकित्सकों और कर्मचारियों को मिलाकर 241 लोग पॉजिटिव आ चुके हैं। इसका एक कारण केजीएमयू परिसर में सर्वाधिक गंभीर मरीजों का भर्ती होना भी है।
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राजधानी के चिकित्सा संस्थानों, अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व कर्मचारी लगातार कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टर व स्टाफ के संक्रमित होने की मूल वजह मरीजों व तीमारदार की असावधानी है।
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कई डॉक्टर प्रोसीजर के दौरान संक्रमित हुए हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह इमरजेंसी में मरीजों को रिपोर्ट दूसरे दिन मिल पाती है। ऐसे में 24 घंटे इलाज के दौरान जरा भी असावधानी हेल्थ वर्कर को पॉजिटिव बना दे रही है।
क्योंकि विभिन्न स्थानों से आने वाले मरीजों का होल्डिंग एरिया में इलाज शुरू कर दिया जाता है। कई में लक्षण नहीं होते हैं। ऐसे में हेल्थ वर्कर संक्रमित हो रहे हैं। जिसका नतीजा है कि अभी तक चिकित्सा संस्थानों में कुल मरीजों में करीब दो फीसदी हेल्थ वर्कर पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।
लोहिया संस्थान : पांच डॉक्टर, दस रेजिटेंड व 50 कर्मचारी पॉजिटिव
यहां करीब पांच डॉक्टर, दस रेजिटेंड और 50 कर्मचारी पॉजिटिव आ चुके हैं। यहां कोविड अस्पताल दूसरे परिसर में है। ऐसे में कोविड ड्यूटी करने वाले अथवा होल्डिंग एरिया में काम करने वाले रेजिडेंट व कर्मचारी पॉजिटिव आ रहे हैं। अन्य विभागों के डॉक्टर व कर्मचारी बचे हुए हैं।
पीजीआई में भी हालात ठीक नहीं
यहां भी कोविड अस्पताल अलग है, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके भट्ट सहित पांच संकाय सदस्य, दस रेजिडेंट 50 से ज्यादा कर्मचारी या उनके परिजन पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। यहां प्रोसीजर के दौरान दो संकाय सदस्य पॉजिटिव हो चुके हैं। हालांकि अभी तक माहभर का अतिरिक्त स्टाफ का बैकअप है। पीजीआई में कुल रेजिडेंटों की अब दोबारा कोविड वार्ड में ड्यूटी लगाई जा रही है।
दो माह में तीन बार बंद करना पड़ा सीएमओ कार्यालय
सीएमओ डॉ. आरपी सिंह, एसीएमओ सहित विभाग के करीब 25 कर्मचारी पॉजिटिव हो चुके हैं। दो माह के अंदर तीन बार सीएमओ कार्यालय बंद करना पड़ा है।
महानिदेशालय में भी कोरोना की मार
स्वास्थ्य परिवार कल्याण महानिदेशक मिथलेश चतुर्वेदी, स्वास्थ्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक डॉ. केके गुप्ता सहित करीब 20 अधिकारी व कर्मचारी पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।