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Lucknow: सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सहित चार जज जाम में फंसे, 10 मिनट रुका रहा काफिला, डीसीपी ट्रैफिक की सुनिए

Sat, 23 Jul 2022 11:02 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ।
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ। Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 23 Jul 2022 11:02 PM IST
सार

दूसरी गाड़ियों को रोककर किसी तरह जजों की फ्लीट को निकाला गया, लेकिन इसमें 10 मिनट लग गए। खास बात यह है कि स्कूल की छुट्टी के वक्त ट्रैफिक को संभालने के लिए पहले से कोई पुलिसकर्मी नहीं था। जजों की फ्लीट के जाम में फंसने की सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे।

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Four judges including Supreme Court judge stuck in jam convoy halted for 10 minutes
जाम की सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

राजधानी में स्कूलों की छुट्टी के वक्त लगने वाले जाम से शनिवार को माननीयों को भी जूझना पड़ा। गोमतीनगर स्थित सेंट एमआर जयपुरिया स्कूल के बाहर दोपहर करीब 12:30 बजे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल सहित चार जजों की गाड़ियों का काफिला ट्रैफिक जाम में फंस गया। यह देख ट्रैफिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। मशक्कत के बाद जाम खुलवाकर इनकी गाड़ियों को निकलवाया गया, हालांकि, इसमें 10 मिनट लग गए। 

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जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस डीके उपाध्याय शनिवार को न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (जेटीआरआई) में आयोजित कांफ्रेंस में शामिल हुए थे। यहां से लौटते वक्त इनका काफिला जयपुरिया स्कूल के बाहर जाम की चपेट में आ गया। मौके पर स्कूल के वाहनों के अलावा बच्चों को लेने आए अभिभावकों की गाड़ियों के सड़क पर ही खड़े होने से ट्रैफिक का बुरा हाल था। इसके बीच जजों की गाड़ियां फंसने की सूचना मिलते ही पास में ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी आनन-फानन वहां पहुंचे।

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स्कूलों से व्यवस्था करने के लिए कहा था

शासन की नाराजगी के बाद जेसीपी पीयूष मोर्डिया ने दो दिन पहले शहर के सभी स्कूलों को पत्र लिखकर छुट्टी के वक्त बाहर ट्रैफिक जाम लगने से रोकने की व्यवस्था करने के लिए कहा था। वहीं, मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने भी बृहस्पतिवार को स्कूलों को तीन दिन में हालात ठीक करने और जरूरी स्टाफ लगाकर जाम से निपटने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शनिवार को यह बड़ी लापरवाही सामने आ गई। उधर, जेसीपी का पत्र मिलने के बाद कई स्कूलों ने गार्डों को लगाया, लेकिन अभिभावक उनकी सुन नहीं रहे हैं। स्कूलों ने बताया कि गार्ड वाहन सड़क से हटाने के लिए कहते हैं तो अभिभावक बोल देते हैं, बच्चा आने ही वाला है। उसे लेकर तुरंत निकल जाएंगे। इसके बाद वाहन नहीं हटाते हैं।


 

जाम में फंसे लोगों ने बयां किया दर्द

जयपुरिया स्कूल के बाहर छुट्टी के वक्त लगे जाम से कई राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ी। समीर सिंह का कहना था कि ट्रैफिक पुलिस स्कूलों के पास से डायवर्जन की व्यवस्था करे। इससे जाम कम हो सकता है। वहीं, संजीव मिश्रा ने कहा कि पुलिस की ओर से सख्ती करने पर ही लोग सुधरेंगे। शोहित अग्रवाल ने कहा कि आए दिन जाम झेलना पड़ता है। इस समस्या से ट्रैफिक विभाग ही निजात दिला सकता है। इसके लिए उसे सख्त कदम उठाना चाहिए।


 
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...और डीसीपी ट्रैफिक की सुनिए

मौके पर टीआई तैनात था। ट्रैफिक लगने की बात सामने नहीं आई है। स्कूलों से बातकर पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करवाने की बात चल रही है। स्कूलों की छुट्टी के समय यातायात व्यवस्था सुधारने पर काम किया जा रहा है।- सुभाष चंद्र शाक्य, डीसीपी ट्रैफिक

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