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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लूटपाट करने वाले गिरोह को दबोचा
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लखनऊ। विदेशों में नौकरी दिलाने केनाम पर होटल में बंधक बनाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का नाका पुलिस ने खुलासा किया है। इस गिरोह के चार बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया है। यह गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर विदेशी मुद्रा यूरो और डॉलर में ठगी करता है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 10 लाख रुपये के यूरो और यूएस डॉलर बरामद किया है। इसके अलावा एक एसयूवी और अवैध असलहे भी बरामद किये हैं। इस गिरोह के मास्टर माइंड सहित तीन की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
एडीसीपी पश्चिम राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, पकड़े गए ठग और लुटेरों में चंडीगढ़ का आशीष सिंधिया, नई दिल्ली बसंतकुंज का शकील अहमद, मैदानगढ़ी छतरपुर नई दिल्ली का ललित कुमार और भीलवाड़ा राजस्थान का बलराम सेन शामिल हैं। इस गिरोह ने केरल के त्रिचूर और अर्नाकुलम में रहने वाले बेरोजगारों से विदेशी मुद्रा यूरो व यूएस डॉलर में ठगी करते थे। वहीं ठगी में सफल न होने पर लूटपाट करते थे। लखनऊ में केरल के चार युवकों को बुलाकर इस गिरोह ने बंधक बनाकर लूटपाट की थी। पुलिस ने वारदात की सूचना मिलने पर घेराबंदी कर गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया है। पकड़े गए सदस्याें के पास से 7650 यूएस डॉलर, 3150 यूरो, 5180 रुपये, 4 पर्स, दो पैनकार्ड, एक एटीएम, ड्राइविंग लाइसेंस, वीजा, पासपोर्ट, आधार कार्ड, अवैध असलहा, एक एसयूवी बरामद की है।
एडीसीपी पश्चिम के मुताबिक, इस गिरोह ने जिन युवकों से लूटपाट की है। वह सभी केरल के त्रिचूर और अर्नाकुलम के रहने वाले हैं। त्रिचूर निवासी सुनील कुमार कंप्यूटर इंजीनियर है। वहीं मनोज कुमार चालक और निवेद वीवी कंप्यूटर स्नातक है। वहीं अर्नाकुलम का अमला अंटू अर्थशास्त्र से बीए है। चारों दुबई में नौकरी करते थे। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान वापस केरल पहुंचे। नौकरी की तलाश में एक परिचित हाकिम से संपर्क किया। हाकिम ने उनको पहले दिल्ली फिर लखनऊ भेजा जहां उनके साथ लूटपाट हुई।
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हर एक से मांगे दो-दो हजार यूएस डॉलर
एसीपी कैसरबाग पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक, चारों ने हाकिम से संपर्क किया। हाकिम ने सभी को माल्टा रिपब्लिक में एक बडे़ होटल में कंप्यूटर व गार्ड की नौकरी दिलाने का वादा किया। इसके लिए सभी को दिल्ली बुलाया। वहां पहुंचने से पहले ही हाकिम ने कॉल कर बताया कि सभी को 500-500 यूरो साथ लेकर जाना है। दिल्ली पहुंचने के बाद हाकिम से बातचीत हुई। हाकिम ने तत्काल लखनऊ जाने को कहा। यहां पहुंचने के बाद सैंटा इन होटल में रुके। होटल में एक युवक आकर मिला। उसने बातचीत की और कुछ देर बाद आने की बात कहकर चला गया। लखनऊ पहुंचने के बाद चारों को बताया कि गया उनकी आरटीपीसीआर कोविड जांच होनी है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही विदेश भेजा जा सकता है। वहीं चारों से मिले युवक ने अमेरिका में रहने वाले रोहित नाम के एक युवक से बातचीत कराई। फिर सभी से दो-दो हजार यूएस डॉलर लाने को कहा। तीन दिन में चारों परिवारीजनों से करीब 8 लाख रुपये खाते में मंगाए। इसके बाद चारों से पंजाब निवासी कवलदीप सिंह मिला। दूसरे दिन आने को कहा। बुधवार शाम को कवलदीप मनोज और निवेद को साथ लेकर एयरपोर्ट के लिए निकला। कवलदीप वहां दोनों के पासपोर्ट व मोबाइल मांगे। दोनों को परिसर में तिराहे के पास छोड़ दिया और खुद फरार हो गया।
होटल में दो को बंधक बनाकर की लूटपाट
प्रभारी निरीक्षक नाका मनोज मिश्रा के मुताबिक, कवलदीप ने दो युवकों को अपने झांसे में लेकर एयरपोर्ट पर छोड़ दिया। वहां उनके पासपोर्ट व मोबाइल भी ले लिए। इसके बाद उसके चार साथी चंडीगढ़ का आशीष सिंधिया, नई दिल्ली बसंतकुंज का शकील अहमद, मेदानगढ़ी छतरपुर नई दिल्ली का ललित कुमार और भीलवाड़ा राजस्थान का बलराम, सैन होटल पहुंचे। वहां सुनील कुमार और अमला अंटू मौजूद मिले। सभी ने अंदर दाखिल होते ही सुनील व अमला को पीटा और बाथरूम में बंद कर दिया। कमरे में मौजूद नकदी व अन्य सामान लूटकर चले गए। आरोपियों ने होटल में पीड़ितों को अर्दब में लेने के लिए खुद को आईबी का अधिकारी बताया था। लूटपाट की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। घेराबंदी कर चारों को दबोच लिया। चारों के पास से लूटपाट के विदेशी मुद्रा सहित कई सामान बरामद किया।
अमेरिका से संचालित हो रहा गिरोह
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरोह का सरगना व मास्टर माइंड रोहित है। रोहित इस गिरोह को अमेरिका से संचालित कर रहा है। उसी के इशारे पर हाकिम, कवलदीप सिंह सहित अन्य सदस्य ठगी कर यूएस डॉलर और यूरो में नकदी हासिल करते हैं। कवलदीप सिंह और हाकिम की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस के मुताबिक, मास्टरमाइंड की लोकेशन निकाली गई है। वह अमेरिका में बैठा है। वहीं से गिरोह को संचालित कर रहा है। उसे गिरफ्तार करने केलिए इंटरपोल और एम्बेसी की मदद ली जाएगी।
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एडीसीपी पश्चिम राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, पकड़े गए ठग और लुटेरों में चंडीगढ़ का आशीष सिंधिया, नई दिल्ली बसंतकुंज का शकील अहमद, मैदानगढ़ी छतरपुर नई दिल्ली का ललित कुमार और भीलवाड़ा राजस्थान का बलराम सेन शामिल हैं। इस गिरोह ने केरल के त्रिचूर और अर्नाकुलम में रहने वाले बेरोजगारों से विदेशी मुद्रा यूरो व यूएस डॉलर में ठगी करते थे। वहीं ठगी में सफल न होने पर लूटपाट करते थे। लखनऊ में केरल के चार युवकों को बुलाकर इस गिरोह ने बंधक बनाकर लूटपाट की थी। पुलिस ने वारदात की सूचना मिलने पर घेराबंदी कर गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया है। पकड़े गए सदस्याें के पास से 7650 यूएस डॉलर, 3150 यूरो, 5180 रुपये, 4 पर्स, दो पैनकार्ड, एक एटीएम, ड्राइविंग लाइसेंस, वीजा, पासपोर्ट, आधार कार्ड, अवैध असलहा, एक एसयूवी बरामद की है।
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एडीसीपी पश्चिम के मुताबिक, इस गिरोह ने जिन युवकों से लूटपाट की है। वह सभी केरल के त्रिचूर और अर्नाकुलम के रहने वाले हैं। त्रिचूर निवासी सुनील कुमार कंप्यूटर इंजीनियर है। वहीं मनोज कुमार चालक और निवेद वीवी कंप्यूटर स्नातक है। वहीं अर्नाकुलम का अमला अंटू अर्थशास्त्र से बीए है। चारों दुबई में नौकरी करते थे। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान वापस केरल पहुंचे। नौकरी की तलाश में एक परिचित हाकिम से संपर्क किया। हाकिम ने उनको पहले दिल्ली फिर लखनऊ भेजा जहां उनके साथ लूटपाट हुई।
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हर एक से मांगे दो-दो हजार यूएस डॉलर
एसीपी कैसरबाग पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक, चारों ने हाकिम से संपर्क किया। हाकिम ने सभी को माल्टा रिपब्लिक में एक बडे़ होटल में कंप्यूटर व गार्ड की नौकरी दिलाने का वादा किया। इसके लिए सभी को दिल्ली बुलाया। वहां पहुंचने से पहले ही हाकिम ने कॉल कर बताया कि सभी को 500-500 यूरो साथ लेकर जाना है। दिल्ली पहुंचने के बाद हाकिम से बातचीत हुई। हाकिम ने तत्काल लखनऊ जाने को कहा। यहां पहुंचने के बाद सैंटा इन होटल में रुके। होटल में एक युवक आकर मिला। उसने बातचीत की और कुछ देर बाद आने की बात कहकर चला गया। लखनऊ पहुंचने के बाद चारों को बताया कि गया उनकी आरटीपीसीआर कोविड जांच होनी है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही विदेश भेजा जा सकता है। वहीं चारों से मिले युवक ने अमेरिका में रहने वाले रोहित नाम के एक युवक से बातचीत कराई। फिर सभी से दो-दो हजार यूएस डॉलर लाने को कहा। तीन दिन में चारों परिवारीजनों से करीब 8 लाख रुपये खाते में मंगाए। इसके बाद चारों से पंजाब निवासी कवलदीप सिंह मिला। दूसरे दिन आने को कहा। बुधवार शाम को कवलदीप मनोज और निवेद को साथ लेकर एयरपोर्ट के लिए निकला। कवलदीप वहां दोनों के पासपोर्ट व मोबाइल मांगे। दोनों को परिसर में तिराहे के पास छोड़ दिया और खुद फरार हो गया।
होटल में दो को बंधक बनाकर की लूटपाट
प्रभारी निरीक्षक नाका मनोज मिश्रा के मुताबिक, कवलदीप ने दो युवकों को अपने झांसे में लेकर एयरपोर्ट पर छोड़ दिया। वहां उनके पासपोर्ट व मोबाइल भी ले लिए। इसके बाद उसके चार साथी चंडीगढ़ का आशीष सिंधिया, नई दिल्ली बसंतकुंज का शकील अहमद, मेदानगढ़ी छतरपुर नई दिल्ली का ललित कुमार और भीलवाड़ा राजस्थान का बलराम, सैन होटल पहुंचे। वहां सुनील कुमार और अमला अंटू मौजूद मिले। सभी ने अंदर दाखिल होते ही सुनील व अमला को पीटा और बाथरूम में बंद कर दिया। कमरे में मौजूद नकदी व अन्य सामान लूटकर चले गए। आरोपियों ने होटल में पीड़ितों को अर्दब में लेने के लिए खुद को आईबी का अधिकारी बताया था। लूटपाट की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। घेराबंदी कर चारों को दबोच लिया। चारों के पास से लूटपाट के विदेशी मुद्रा सहित कई सामान बरामद किया।
अमेरिका से संचालित हो रहा गिरोह
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरोह का सरगना व मास्टर माइंड रोहित है। रोहित इस गिरोह को अमेरिका से संचालित कर रहा है। उसी के इशारे पर हाकिम, कवलदीप सिंह सहित अन्य सदस्य ठगी कर यूएस डॉलर और यूरो में नकदी हासिल करते हैं। कवलदीप सिंह और हाकिम की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस के मुताबिक, मास्टरमाइंड की लोकेशन निकाली गई है। वह अमेरिका में बैठा है। वहीं से गिरोह को संचालित कर रहा है। उसे गिरफ्तार करने केलिए इंटरपोल और एम्बेसी की मदद ली जाएगी।