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यूपी: म्यांमार व बांग्लादेश के मुस्लिम युवकों को हिंदू नाम देकर विदेश भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार
Wed, 27 Oct 2021 07:35 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 27 Oct 2021 07:35 PM IST
सार
गिरफ्तार किए गए युवक हिंदू नाम से पासपोर्ट बनाकर बांग्लादेशी व म्यांमार के नागरिकों को विदेश भेजते थे और उनसे बड़ी रकम वसूलते थे।
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गिरफ्तार किए गए मेहंदी हसन व मिथुन मंडल।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
यूपी एटीएस ने मानव तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार लोगों चंदौली के मुगलसराय स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। इसमें गिरोह का सरगना पश्चिम बंगाल निवासी मिथुन मंडल के अलावा बांग्लादेश से तस्करी कर भारत लाए गए बांग्लादेशी शाओन अहमद, मोमिनुर इस्लाम और मेंहदी हसन हैं। यह तीनों ही बांग्लादेश के एक होटल में काम करते थे। पिछले 16 अगस्त को यह तीनों भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर भारत आए थे।
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अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि मानव तस्करी गिरोह के सदस्य इन युवकों का भारतीय दस्तावेज हिंदू नाम पर बनवा देते थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बन जाता था। गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशियों में शाओन अहमद का भारतीय दस्तावेज पिंटू दास के नाम, मोमिनुर इस्लाम का दस्तावेज रोमी पाल के नाम से और मेंहदी हसन का दस्तावेज बापी राय के नाम से बना था।
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प्रशांत कुमार ने बताया कि फर्जी दस्तावेज के सहारे बनवाए गए पासपोर्ट पर दक्षिण अफ्रीका का वीजा लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले यानी 25 अक्तूबर को तीनों बांग्लादेशियों को दिल्ली से साउथ अफ्रीका जाना था, एयरपोर्ट पर क्लीयरेंस न मिल पाने के कारण इन्हें यात्रा की इजाजत नहीं मिली थी। इन तीनों ने फर्जी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी तैयार कर लिया था। यात्रा निरस्त होने के बाद यह तीनों सरगना मिथुन के साथ राजधानी एक्सप्रेस से वापस पश्चिम बंगाल जा रहे थे। सभी को पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकवाकर दबोच लिया गया।
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प्रशांत कुमार ने बताया कि यह एक बड़ा गिरोह है। इसने बड़ी संख्या में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की तस्करी कर न सिर्फ भारत लाए बल्कि दूसरे देशों में भी बेचा जाता था। इसके बदले मोटी रकम वसूल की जाती थी। गिरफ्तार किए गए मिथुन दास का पश्चिम बंगाल के वर्धमान में यूरोपियन टूर एंड ट्रेवेल नाम की ट्रेवेल एजेंसी भी है।
12 खातों में मिले 12 लाख रुपये
आईजी एटीएस प्रशांत कुमार ने बताया कि यह एक बड़ा गिरोह है। मिथुन और उससे जुड़े करीब 12 खातों के बारे में पता चला है। इन 12 खातों में लगभग 12 लाख रुपये मिले हैं, जिनकी तफ्तीश की जा रही है। गिफ्तार किए गए लोगों के पास से 5 मोबाइल, 3 पासपोर्ट, 4 आधार कार्ड, 12 एटीएम, 1 पैनकार्ड, एक दिल्ली मेट्रो का कार्ड और तीन वोटर आईडी कार्ड बरामद हुआ है।
एटीएस ने दर्ज किया था मुकदमा
एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेशियों पकड़े जाने के तीनों के खिलाफ लखनऊ एटीएस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही इनके सहयोगियों की तलाश में लगातार छापे मारे जा रहे हैं।