स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल बर्खास्त, हैंडबॉल महासंघ के महासचिव के खिलाफ भी हुई ये कार्रवाई
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वित्तीय अनियमितताओं के कारण करीब चार माह से निलंबित चल रहे गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के पूर्व कार्यवाहक प्रिंसिपल विजय गुप्ता को बर्खास्त कर दिया गया है। गुप्ता पर स्पोर्ट्स कॉलेज में हुई नियुक्ति के दौरान फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने का आरोप लगा था।
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद स्पोर्ट्स कॉलेज की प्रबंध समिति की हुई बैठक में गुप्ता को बर्खास्त करने का फैसला लिया गया। प्रमुख सचिव खेल कल्पना अवस्थी ने पुष्टि की है। गुडम्बा थाने में मुकदमा भी दर्ज है। कॉलेज में टीचर विजय गुप्ता को वरिष्ठतम होने के चलते 18 अगस्त 2015 से 15 सितंबर 2019 तक कॉलेज के प्रिंसिपल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। इसके बाद उन्हें पदमुक्त कर दिया गया। इस दौरान वित्तीय अनियमितताएं सामने आने पर खेल मंत्री ने मई माह में उन्हें निलंबित कर दिया था।
आनंदेश्वर पांडेय सस्पेंड
भारतीय हैंडबॉल महासंघ के अध्यक्ष एम रामासुब्रहमणि ने महासचिव आनंदेश्वर पांडेय को निलंबित कर दिया। आनंदेश्वर ने कार्रवाई को गैरकानूनी करार दिया। पांडेय भारतीय ओलंपिक संघ के कोषाध्यक्ष भी हैं। रामासुब्रहमणि ने पुष्टि की, उन्होंने पांडेय को निलंबित कर दिया क्योंकि उनके खिलाफ सदस्यों ने कई शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।
रामासुब्रहमणि से जब पूछा गया कि किस तरह की शिकायतें उन्हें मिली थी तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। दूसरी तरफ, आनंदेश्वर पांडेय ने रामासुब्रहमणि को पत्र भेजकर उनकी कार्रवाई को ‘गैरकानूनी और असंवैधानिक’ बताया है। उन्होंने कहा कि हैंडबॉल महासंघ के संविधान के अनुसार अध्यक्ष द्वारा किसी पदाधिकारी के निलंबन के लिए कार्यकारी समिति और फिर आम सभा से मंजूरी मिलना आवश्यक है। पांडेय ने लिखा, ‘इस तरह की शक्तियां कार्यकारी समिति के पास हैं तथा कार्यकारी समिति की सिफारिशों को आम सभा की मंजूरी मिलना आवश्यक है।’
बैठक में सब साफ हो जाएगा
मुझे नियमों की अनदेखी करके हैंडबॉल एसोसिएशन से हटाया गया है। 27 को एसोसिएशन की बैठक में सब साफ हो जाएगा।- आनंदेश्वर पांडेय