रायबरेली: पूर्व विधायक अजयपाल सिंह के बेटे ने लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार की खुदकुशी
रायबरेली के ऊंचाहार थाना क्षेत्र में रविवार रात कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अजयपाल सिंह के बेटे ने लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। पिता का कहना है कि किसी बात को लेकर बेटे ने अवसाद और तनाव के चलते जान दी। बेटा दिल्ली में लॉ की पढ़ाई कर रहा था। परीक्षा देने के बाद छुट्टी पर घर आया था। पुलिस ने पहुंचकर घटना की पड़ताल की।
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अरखा निवासी पूर्व विधायक अजय पाल सिंह के बेटे अरणोराज सिंह ने देर रात आलमारी में रखी लाइसेंसी पिस्टल से दाहिनी कनपटी पर गोली मार ली। फायरिंग की आवाज होने पर घर में हड़कंप मच गया। परिवारीजन आनन-फानन अरणोराज सिंह को लखनऊ के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया गया।
थाने में दी गई तहरीर में पूूर्व विधायक का कहना है कि उनका बेटा पता नहीं जाने किस बात को लेकर तनाव और अवसाद में था। बेटे ने खुदकुशी की इसके बाद परिवारीजन शव लेकर अरखा गाँव लौट आए। सोमवार सुबह जब यह खबर क्षेत्र में फैली तो अरखा गाँव में हजारों की भीड़ जमा हो गई। शाम को शव को क्षेत्र के कोटरा बहादुरगंज गंगाघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। थानेदार धर्मेंद्र द्विवेदी का कहना है कि पूर्व विधायक के बेटे ने लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर खुुदकुशी की है।
बेटे को दी थी 56 लाख की नई गाड़ी
मृतक अरणोराज सिंह अपने पिता पूर्व विधायक अजयपाल सिंह के दुलारे थे। पिता उनकी हर ख्वाहिश पूरी करते थे। पिता ने रविवार को अपने बेटे को रैगलर गाड़ी खरीदकर उपहार स्वरूप दी थी। इस गाड़ी की कीमत करीब 56 लाख रुपये है। अचानक रात में क्या ऐसा हुआ कि बेटे ने खुदकुशी कर ली।
घटना की जानकारी जैसे-जैसे लोगों को होती गई, वैसे-वैसे लोगों का मजमा पूर्व विधायक के घर पर जुटता गया। किसी को एहसास ही नहीं हो रहा था कि पूर्व विधायक के बेटे ने खुदकुशी कर ली। पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंचे। सीओ महराजगंज विनीत सिंह ने घर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और पीड़ित परिवार को ढांड़स बंधाया। वहीं कांग्रेस नेताओं का भी आना जाना लगा रहा।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
मृतक अरणोराज सिंह घर का इकलौता चिराग था। अरणोराज की मौत से घर का चिराग ही बुझ गया। पूर्व विधायक अजयपाल सिंह के एक बेटा था, जबकि एक बेटी है। बेटे की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पूर्व विधायक के आंसू नहीं थम रहे थे। रह-रहकर वह रो पड़ते हैं। मां जयंती सिंह भी बेटे की मौत से बिलख रही हैं।