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मेडिकल रिपोर्ट में पूर्व मंत्री गायत्री का केजीएमयू में भर्ती रहना ठीक
Sat, 10 Oct 2020 12:20 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:20 AM IST
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पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति
- फोटो : amar ujala
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पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को जेल में शिफ्ट करने के लिए जेल प्रशासन ने केजीएमयू को पत्र भेजा था। जिस पर मेडिकल बोर्ड से जांच कराकर रिपोर्ट भेजने की बात कही थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में पूर्व मंत्री की स्थिति ठीक नहीं है। उनको केजीएमयू में भर्ती कर इलाज कराया जाना ठीक है। इस पर सीएमओ ने भी अपनी सहमति दी हैं। हालांकि इस मामले में जेल प्रशासन ने एक कमेटी बनाकर जांच शुरू करवा दिया है।
जेल प्रशासन ने 26 सितंबर को केजीएमयू प्रशासन को पत्र भेजा। जिसमें पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के उपचार की सलाह लेकर चिकित्सालय से अवमुक्त कर कारागार अभिरक्षा में भेजने की बात कही। इसमें जेल मैनुअल के मुताबिक बंदी के स्वास्थ्य की पूछताछ करने की व्यवस्था की है। जिसके आधार पर बंदियों को भागने से रोका जा सके। जेल प्रशासन ने तीन महीने से अधिक समय से कारागार से बाहर रहने पर हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश का उल्लेख भी किया गया है।
इस पर मेडिकल बोर्ड ने जो अपनी रिपोर्ट भेजी है। उसके आधार पर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की हालत पहले से काफी खराब है। उनका शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ है। हिमोग्लोबिन भी सामान्य से काफी कम 8.2 है। मेडिकल बोर्ड में शामिल चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पूर्व मंत्री टाइप-2 शुगर के पेशेंट हैं। उनके लो बैक में लगातार दर्द रहता है।
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उनको स्पेंडेलाइटिस की भी शिकायत हैं। वर्तमान में उनकेशुगर का इलाज चिकित्सक की निगरानी में कराया जाना जरूरी है। इस रिपोर्ट के बाद जेल प्रशासन ने एक कमेटी बनाकर जांच शुरू करा दी है। ताकि पूर्व मंत्री के मामले में सही तथ्य सामने आ सके। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही पूर्व मंत्री को अस्पताल में रखकर इलाज कराना है या उनको जेल में शिफ्ट करना इसका निर्णय लिया जाएगा।
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जेल प्रशासन ने 26 सितंबर को केजीएमयू प्रशासन को पत्र भेजा। जिसमें पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के उपचार की सलाह लेकर चिकित्सालय से अवमुक्त कर कारागार अभिरक्षा में भेजने की बात कही। इसमें जेल मैनुअल के मुताबिक बंदी के स्वास्थ्य की पूछताछ करने की व्यवस्था की है। जिसके आधार पर बंदियों को भागने से रोका जा सके। जेल प्रशासन ने तीन महीने से अधिक समय से कारागार से बाहर रहने पर हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश का उल्लेख भी किया गया है।
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इस पर मेडिकल बोर्ड ने जो अपनी रिपोर्ट भेजी है। उसके आधार पर पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की हालत पहले से काफी खराब है। उनका शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ है। हिमोग्लोबिन भी सामान्य से काफी कम 8.2 है। मेडिकल बोर्ड में शामिल चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पूर्व मंत्री टाइप-2 शुगर के पेशेंट हैं। उनके लो बैक में लगातार दर्द रहता है।
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उनको स्पेंडेलाइटिस की भी शिकायत हैं। वर्तमान में उनकेशुगर का इलाज चिकित्सक की निगरानी में कराया जाना जरूरी है। इस रिपोर्ट के बाद जेल प्रशासन ने एक कमेटी बनाकर जांच शुरू करा दी है। ताकि पूर्व मंत्री के मामले में सही तथ्य सामने आ सके। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही पूर्व मंत्री को अस्पताल में रखकर इलाज कराना है या उनको जेल में शिफ्ट करना इसका निर्णय लिया जाएगा।