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माया-मुलायम सहित पूर्व सीएम के बंगलों को बचाने के लिए सरकार ने बदल डाले नियम

Wed, 31 Aug 2016 03:15 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Wed, 31 Aug 2016 03:15 PM IST
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former chief minister will get government accommodation
डेमो

विधानसभा ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन आवास की सुविधा देने और मंत्री से लेकर उपमंत्री तक के वेतन में वृद्धि सहित सात विधेयकों को मंगलवार को मंजूरी दे दी।

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संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने उत्तर प्रदेश मंत्री वेतन भत्ता और प्रकीर्ण उपबंध संशोधन विधेयक-2016 को विचार के लिए प्रस्तावित किया।

इसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को उनके अनुरोध पर आजीवन आवास की सुविधा देने और मुख्यमंत्री व मंत्रियों से लेकर उपमंत्रियों तक के वेतन में तीन गुना से अधिक वृद्धि का प्रस्ताव शामिल है। विधानसभा ने इसे मंजूरी दे दी।
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इससे मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री राज्यमंत्री का वेतन 12 हजार से बढ़कर 40 हजार व उपमंत्री का वेतन 10 हजार से बढ़ाकर 35 हजार हो गया है। राज्य कर्मचारियों, कर्मचारी संघों, पत्रकारों व संस्थाओं को मकान दिए जाने से संबंधित राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन भवनों का आवंटन विधेयक-2016 पर भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना व डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने संशोधन का प्रस्ताव रखा, मगर संसदीय कार्यमंत्री के जवाब के बाद सदन ने इसे पारित कर दिया।

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यूपी अपार्टमेंट विधेयक-2016 को भी म‌िली मंजूरी

former chief minister will get government accommodation
अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

इसके अलावा सदन ने बिल्डरों की मनमानी रोकने वाले यूपी अपार्टमेंट (निर्माण स्वामित्व और अनुरक्षण का संवर्धन) (संशोधन) विधेयक-2016 को भी मंजूरी दे दी।

विधानसभा ने बेनेट विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा यूपी विधेयक, बरेली इंटरनेशनल विश्वविद्यालय यूपी विधेयक, संस्कृति विश्वविद्यालय छाता मथुरा यूपी विधेयक व एमिटी विश्वविद्यालय यूपी संशोधन विधेयक-2016 को भी पारित कर दिया।

इसके अलावा सदन ने एरा विश्वविद्यालय लखनऊ यूपी विधेयक-2015 को वापस लेने तथा इसके स्थान पर एरा विश्वविद्यालय लखनऊ यूपी विधेयक-2016 को फिर से पेश करने की मंजूरी दे दी। 

उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शारदा प्रताप शुक्ला ने इस विधेयक को पेश किया। 2015 के विधेयक को राज्यपाल ने राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित कर लिया था। इसके स्थान पर सरकार नया विधेयक लाई है। 

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