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नगर निगम में फर्जीवाड़ा, एक काम के कर दिए दो टेंडर, 25 लाख डकारने की थी तैयारी
Wed, 20 Feb 2019 01:42 PM IST
ishwar ashish
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 20 Feb 2019 01:42 PM IST
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नगर निगम
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ नगर निगम में विकास कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का ताजा मामला सामने आया है। जोन तीन क्षेत्र में आने वाले वार्ड में 25.57 रुपये लाख की लागत से सड़क व नाली निर्माण के लिए एक फरवरी को टेंडर के बाद ठेकेदार को अनुबंध करने को पत्र भी जारी हो गया है। इसी काम के लिए 23 फरवरी को फिर टेंडर पड़ने जा रहा है।
मामले का खुलासा होने के बाद मुख्य अभियंता ने इसे निरस्त कर नगर अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा है। एक फरवरी को फैजुल्लागंज द्वितीय वार्ड के केशवनगर में ब्रह्मदेव मंदिर के पास प्रीति सिंह के घर से अमित राय के मकान व उसके आसपास 25.57 लाख की लागत से सड़क व नाली बनाने के काम का टेंडर पड़ा था।
इसके लिए 10 ठेकेदारों ने टेंडर डाला। टेंडर कमेटी के निर्णय के तहत काम स्टीमेट रेट से 6.69 प्रतिशत की दर पर ही कराए जाने हैं। इसे लेकर जोनल अभियंता मनीष अवस्थी की ओर से सभी दस ठेकेदारों से इसी दर पर काम करने की सहमति देने की मांग करते हुए पत्र भी जारी किया गया है।
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सहमति के बाद लॉटरी की जानी है। अभी यह चल ही रहा था कि इसी काम के लिए 23 फरवरी को फिर टेंडर पड़ने का खेल सामने आया। इसे लेकर सात फरवरी को टेंडर नोटिस जारी किया गया था। ऐसे में साफ है कि टेंडर पड़ने के महज सात दिन बाद ही नगर निगम के इंजीनियरों ने यह घपला अंजाम दिया।
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मामले का खुलासा होने के बाद मुख्य अभियंता ने इसे निरस्त कर नगर अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा है। एक फरवरी को फैजुल्लागंज द्वितीय वार्ड के केशवनगर में ब्रह्मदेव मंदिर के पास प्रीति सिंह के घर से अमित राय के मकान व उसके आसपास 25.57 लाख की लागत से सड़क व नाली बनाने के काम का टेंडर पड़ा था।
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इसके लिए 10 ठेकेदारों ने टेंडर डाला। टेंडर कमेटी के निर्णय के तहत काम स्टीमेट रेट से 6.69 प्रतिशत की दर पर ही कराए जाने हैं। इसे लेकर जोनल अभियंता मनीष अवस्थी की ओर से सभी दस ठेकेदारों से इसी दर पर काम करने की सहमति देने की मांग करते हुए पत्र भी जारी किया गया है।
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सहमति के बाद लॉटरी की जानी है। अभी यह चल ही रहा था कि इसी काम के लिए 23 फरवरी को फिर टेंडर पड़ने का खेल सामने आया। इसे लेकर सात फरवरी को टेंडर नोटिस जारी किया गया था। ऐसे में साफ है कि टेंडर पड़ने के महज सात दिन बाद ही नगर निगम के इंजीनियरों ने यह घपला अंजाम दिया।
खेल पकड़ा न जाए, इसलिए बदल दिया मोहल्ले का नाम
इंजीनियरों ने पहला टेंडर 14वें वित्त के बजट से कराया और दूसरा किसी और निधि से। पहले टेंडर में फैजुल्लागंज द्वितीय वार्ड के केशवनगर में ब्रह्मदेव मंदिर के पास प्रीति सिंह के मकान से अमित राय के मकान व आसपास सड़क व नाली व इंटरलॉकिंग टाइल्स का काम दिखाया गया।
वहीं, जो टेंडर 23 को पड़ना था उसमें कार्य का नाम फैजुल्लागंज द्वितीय वार्ड के गौरभीट में ब्रह्मदेव मंदिर के निकट प्रीति सिंह के मकान से अमित राय के मकान व उसके आसपास 25.57 लाख की लागत से सड़क व नाली निर्माण कार्य लिखा गया है। ऐसे में एक ही काम में एक जगह गौरभीट व एक जगह केशव नगर लिखा गया है, बाकी पूरा विवरण समान है।
वहीं, जो टेंडर 23 को पड़ना था उसमें कार्य का नाम फैजुल्लागंज द्वितीय वार्ड के गौरभीट में ब्रह्मदेव मंदिर के निकट प्रीति सिंह के मकान से अमित राय के मकान व उसके आसपास 25.57 लाख की लागत से सड़क व नाली निर्माण कार्य लिखा गया है। ऐसे में एक ही काम में एक जगह गौरभीट व एक जगह केशव नगर लिखा गया है, बाकी पूरा विवरण समान है।
जारी किया जा रहा नोटिस
मामला पकड़ा न आता तो इंजीनियर और ठेकेदार मिलकर पूरे 25 लाख रुपये डकार जाते। सूत्र बताते हैं यह तो एक मामला पकड़ में आ गया। इंजीनियर और ठेकेदार मिलकर इसी तरह करोड़ों कमा रहे हैं। पूर्व में ऐसे मामले आए हैं, जिसमें एक ही सड़क को अलग-अलग मदों से दो बार बनाया गया। लेबर कॉलोनी वार्ड के पार्षद राजेश मालवीय खुद ऐसे मामले उठा चुके हैं। इसकी अभी जांच ही चल रही है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता एसपी सिंह का कहना है कि जानकारी के बाद 23 को पड़ने वाला टेंडर निरस्त कर दिया गया है। इसे लेकर आदेश जारी कर दिया गया है। उसकी सूचना भी प्रकाशित की जा रही है। मामले को लेकर नगर अभियंता से जवाब तलब किया जा रहा है। जिस अवर अभियंता ने एक ही काम की दोबारा फाइल बनाई उसे भी नोटिस जारी किया जा रहा है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता एसपी सिंह का कहना है कि जानकारी के बाद 23 को पड़ने वाला टेंडर निरस्त कर दिया गया है। इसे लेकर आदेश जारी कर दिया गया है। उसकी सूचना भी प्रकाशित की जा रही है। मामले को लेकर नगर अभियंता से जवाब तलब किया जा रहा है। जिस अवर अभियंता ने एक ही काम की दोबारा फाइल बनाई उसे भी नोटिस जारी किया जा रहा है।