फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   foreign trip become tough for up people

विदेश जाने का प्लान बना रहे लोगों के लिए बुरी खबर, पढ़िए...

Tue, 12 Jan 2016 09:47 AM IST
Updated Tue, 12 Jan 2016 09:47 AM IST
विज्ञापन
foreign trip become tough for up people

इंग्लैंड और अन्य यूरोपीय देशों या अमेरिका जाने की चाहत रखने वाले यूपी के हजारों लोगों के लिए अब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। वीजा के लिए बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन की अनिवार्यता के कारण लोग इन देशों के सफर से पहले दिल्ली स्थित वीजा फैसिलिटी सेंटर जाने को मजबूर हैं।

विज्ञापन


उन लोगों के लिए यह परेशानी और भी बढ़ जाती है जो परिवार के साथ इन देशों की यात्रा करना चाह रहे हैं। इसका असर पर्यटकों के साथ-साथ निर्यात से जुड़े कारोबारियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों पर भी पड़ रहा है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में सूबे के लोग इन देशों की यात्रा का प्लान कैंसिल कर रहे हैं।
विज्ञापन


नवंबर से लागू नए नियम के अनुसार इंग्लैंड, यूरोपीय यूनियन के किसी भी देश या अमेरिका जाने वालों को अपनी बायोमीट्रिक पहचान रजिस्टर करवाना जरूरी हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक से अधिक देश का वीजा पाना भी चुनौती

foreign trip become tough for up people

फरहान वारसी बताते हैं कि दिल्ली स्थित वीजा फैसिलिटी सेंटर पर बायोमीट्रिक वेरिफेशन और कागजी खानापूरी के बाद पासपोर्ट जमा कर लिए जाते हैं। वीजा जारी होने पर इसे कूरियर से घर के पते पर भेजा जाता है। पूरी प्रक्रिया में 10 से 15 दिन लग रहे हैं।

यानी किसी ने अगर इंग्लैंड के लिए वीजा फैसिलिटी सेंटर पर आवेदन किया और उसके बाद वह यूरोप के किसी और देश में घूमना चाहे तो 15 दिन के बाद ही आवेदन कर सकेगा क्योंकि उसका पासपोर्ट पूरी अवधि में इंग्लैंड के वीजा के लिए जमा रहेगा।

प्रदेश के नागरिकों को दिल्ली का चक्कर लगाने से निजात दिलाने के लिए जरूरी हो गया है कि लखनऊ में ही वीजा फैसिलिटी सेंटर खोला जाए। इससे जहां हजारों लोगों का समय बचेगा, वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार पहल कर सकती है।

यूपी के हजारों लोग हर साल जाते हैं यूरोप

foreign trip become tough for up people

पर्यटन के लिए इंग्लैंड और अन्य यूरोपीय देश घूमने जाने वाले यूपी के लोग पहले एजेंट्स के जरिये आवेदन करते थे। यूरोपीय यूनियन के अन्य देशों के लिए बायोमीट्रिक पहचान देना जरूरी नहीं था। सूबे से बहुत से लोग दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया आदि की यात्रा करते हैं, लेकिन उनके लिए आज भी इसकी अनिवार्यता नहीं है।

ट्रेवल केयर के दूसरे निदेशक मोहम्मद रईस बताते हैं कि हर वर्ष यूपी से करीब साढ़े चार हजार लोग विभिन्न कारणों से यूरोपीय देशों की यात्रा पर जाते हैं। इनसे कहीं अधिक लोग इंग्लैंड जाते हैं। वहीं, करीब पांच हजार लोग हर साल अमेरिका जाते हैं।

सूबे में वीजा फैसिलिटी सेंटर के लिए केंद्र सरकार और इन सेंटरों को स्थापित करने वाली कंपनी के से प्रदेश सरकार की बातचीत जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही सेंटर शुरू किए जाएंगे। सबसे पहले यूके के लिए ही वीएफसी शुरू किया जाएगा।
आरबी वर्मा, निदेशक, एनआरआई विभाग, यूपी सरकार

प्रदेश सरकार ने इंग्लैंड के दूतावास के साथ प्रदेश में एक वीजा फैसिलिटी सेंटर खोलने पर बातचीत शुरू कर दी है। फिलहाल गेंद ब्रिटिश सरकार के पाले में है। हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि वे अपना जवाब दें। हमारा प्रयास होगा कि लखनऊ के साथ ही आगरा व कुछ अन्य शहरों में भी वीजा फैसिलिटी सेंटर खोले जाएं।
संजीव सरन, प्रमुख सचिव, एनआरआई सेल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed