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UP News: निजी विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों की होगी निगरानी, उच्च शिक्षा परिषद की टास्क फोर्स करेगी जांच

Tue, 26 May 2026 09:21 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 26 May 2026 09:21 AM IST
सार

यूपी में निजी विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों की निगरानी होगी। उच्च शिक्षा परिषद की टास्क फोर्स इसकी जांच करेगी। विदेशी छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था की समीक्षा होगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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Foreign Students Private Universities to be Monitored in UP Higher Education Council to Conduct Investigation
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

उत्तर प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया, फीस संरचना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ विदेशी छात्रों के प्रवेश एवं शैक्षणिक रिकॉर्ड की भी कड़ी निगरानी की जाएगी। इसके लिए उच्च शिक्षा परिषद की ओर से एक टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जो विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी।

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टास्क फोर्स विदेशी छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया, उनकी शैक्षिक योग्यता तथा पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था की समीक्षा करेगी। परिषद यह सुनिश्चित करेगी कि विश्वविद्यालय निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप ही विदेशी छात्रों को प्रवेश दें। उच्च शिक्षा विभाग निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए नियम-कानूनों को लेकर लगातार सख्ती बढ़ा रहा है। 

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परिवर्तनों की जानकारी सार्वजनिक करना भी अनिवार्य

सरकार और नियामक संस्थाओं के निर्देशों के अनुसार अब विश्वविद्यालयों को फीस में किसी भी प्रकार के बदलाव या प्रवेश नियमों में संशोधन से पहले संबंधित प्राधिकरणों से अनुमति लेनी होगी। साथ ही इन परिवर्तनों की जानकारी सार्वजनिक करना भी अनिवार्य होगा।

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तीन वर्षों से स्थायी अध्यक्ष का इंतजार

निजी विश्वविद्यालयों की निगरानी के लिए गठित उच्च शिक्षा परिषद लंबे समय से स्थायी अध्यक्ष के अभाव से जूझ रही है। परिषद में करीब तीन वर्षों से नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो सकी है। अध्यक्ष के साथ-साथ उपाध्यक्ष का पद भी रिक्त चल रहा है। स्थायी नेतृत्व न होने के कारण परिषद को पठन-पाठन की गुणवत्ता से जुड़े कड़े निर्णय लेने में कठिनाई हो रही है। 

निगरानी की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा परिषद के पास

नए पाठ्यक्रमों के संचालन और नई नीतियों के निर्माण की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा परिषद से शासन को भेजी जाने वाली फाइलें लंबे समय तक लंबित रहती हैं। प्रदेश में वर्तमान समय में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 53 हो चुकी है और इनकी निगरानी की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा परिषद के पास है। 

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