{"_id":"621905da22d99457cc23edf5","slug":"for-the-first-time-raja-bhaiya-s-siege-in-the-citadel-sp-engaged-in-mobilizing-backwards-along-with-muslim-yadav-voters-bjp-also-prepared-strong-fortifications","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बार गढ़ में राजा भैया की घेराबंदी : मुस्लिम-यादव वोटरों के साथ पिछड़ों की गोलबंदी करने में जुटी सपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहली बार गढ़ में राजा भैया की घेराबंदी : मुस्लिम-यादव वोटरों के साथ पिछड़ों की गोलबंदी करने में जुटी सपा
Sat, 26 Feb 2022 04:51 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
चंद्र प्रकाश उपाध्याय, अमर उजाला, प्रतापगढ़
चंद्र प्रकाश उपाध्याय, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 26 Feb 2022 04:51 AM IST
सार
सपा ने कभी राजा भैया के ही करीबी रहे कुंडा नगर पंचायत के पूर्व चेयरपर्सन गुलशन यादव को मैदान में उतारकर मुकाबला दिलचस्प कर दिया है।
विज्ञापन
राजा भैया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कुंडा में सियासी पारा चरम पर है। 1993 से यहां लगातार छह बार निर्दल विधायक रहे बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के खिलाफ पहली बार सपा और भाजपा ने तगड़ी किलेबंदी की है। सपा ने कभी राजा भैया के ही करीबी रहे कुंडा नगर पंचायत के पूर्व चेयरपर्सन गुलशन यादव को मैदान में उतारकर मुकाबला दिलचस्प कर दिया है। सपा यहां यादव और मुस्लिम मतदाताओं के साथ पिछड़ों को गोलबंद करने में जुटी है, वहीं भाजपा भी राजाभैया के खिलाफ पूरी तरह आक्रामक है। दूसरी तरफ राजा भैया अबकी बार डेढ़ लाख पार का नारा दे रहे हैं।
विज्ञापन
छह बार निर्दल विधायक रहने के बाद पहली बार अपनी पार्टी जनसत्ता दल-लोकतांत्रिक से मैदान में उतरे राजा भैया के खिलाफ भाजपा ने सिंधुजा मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस से योगेश यादव और बसपा से मो. फहीम चुनाव मैदान में हैं। कुंडा से राजा भैया हर बार बढ़े अंतर से चुनाव जीतते रहे हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा की लहर में भी रिकॉर्ड एक लाख से अधिक मतों से जीत हासिल की थी। हालांकि, तब सपा ने उन्हें समर्थन दिया था। इस बार सपा उनसे सीधे मुकाबिल है। ऐसे में लड़ाई रोचक हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कुंडा में जनसभा कर राजा भैया को घेरने का प्रयास किया।
विज्ञापन
अखिलेश ने ‘विधायक काम नहीं आएगा, सरकार ही मदद करेगी और कुंडा वालों जो कब्जा किए हैं, उनके लिए कुंडी लगा दो, आजाद होना चाहते हो, साइकिल वाले ही आजाद कराएंगे’ जैसी बातें कहकर पिछड़ों और दलित वोटरों को एकजुट करने का दांव चला। सपा प्रत्याशी गुलशन यादव भी अपनी सभाओं में धमकीदार जैसे शब्दों के जरिए सीधे राजा भैया पर हमले कर रहे हैं। कई बार तो उन्होंने राजा भैया के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। दूसरी तरफ भाजपा भी यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सभा करा चुकी है। उन्होंने भी प्रत्याशियों को जिताइए, हम यहां का गुंडाराज खत्म करेंगे, कहकर सीधे राजा भैया को निशाने पर लिया था।
विज्ञापन
भाजपा को सरकार के काम के भरोसे वोटरों से समर्थन की आस है। सपा और भाजपा की घेरेबंदी देख राजा भैया भी आक्रामक अंदाज में प्रचार कर रहे हैं। वह अपनी सभाओं में अबकी बार डेढ़ लाख पारा का नारा दे रहे हैं। राजा भैया न सिर्फ ब्राह्मण, मुस्लिम, अनुसूचित जातियों के अलग-अलग सम्मेलन कर रहे हैं, बल्कि यह कहकर भी लोगों को साथ रखने का प्रयास कर रहे हैं कि चुनाव में विधायक और सांसद बदला जाता है, चाचा-बेटा और भाई नहीं। गौर करने वाली बात यह है कि कुंडा के चुनाव में किसी दल के पास कोई मुद्दा नहीं है। सीधे तौर पर लड़ाई दुर्ग ढहाने और बचाने की है।
ध्रुवीकरण का असर नहीं, सब लड़ रहे राजा भैया से
कुंडा विधानसभा में करीब 53 हजार मुस्लिम मतदाता हैं। माना जाता है कि मुस्लिम अब तक राजा भैया का ही समर्थन करते रहे हैं। हालांकि, इस बार समीकरण कुछ अलग हैं। पिछले तीन विधानसभा चुनावों से सपा कुंडा में राजा भैया का समर्थन करती रही है। वर्ष 2007, 2012 और 2017 में सपा ने कुंडा में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। इस बार सपा पूरी तरह मुस्लिम वोटों में सेंधमारी के प्रयास में है। कुंडा में ध्रुवीकरण का भी कोई असर नहीं है। दलित वोटर यहां निर्णायक भूमिका में हैं। सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस की सीधी लड़ाई राजा भैया से ही है।
वोटों का गणित
3,57,167 कुल मतदाता
ब्राह्मण 45 हजार
क्षत्रिय 25 हजार
यादव 48 हजार
कुर्मी 40 हजार
वैश्य 19 हजार
दलित 85 हजार
मुस्लिम 53 हजार
अन्य 39 हजार
2017 का चुनाव परिणाम
रघुराज प्रताप सिंह, निर्दलीय 1,36,597
जानकीशरण पांडेय, भाजपा 32,950
परवेज अख्तर बसपा 17,261