{"_id":"627bed04b2db2f0dac0c69af","slug":"food-forest-will-be-developed-in-15-districts-of-uttar-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की बढ़ेगी आय: 15 जिलों में विकसित किए जाएंगे फूड फॉरेस्ट, प्रसंस्करण इकाइयों को मिलेगा कच्चा माल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की बढ़ेगी आय: 15 जिलों में विकसित किए जाएंगे फूड फॉरेस्ट, प्रसंस्करण इकाइयों को मिलेगा कच्चा माल
Thu, 12 May 2022 12:16 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 12 May 2022 12:16 AM IST
सार
किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रदेश के 15 जिलों में फूड फॉरेस्ट विकसित किए जाएंगे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
योगी सरकार की ओर से प्रदेश में फूड फॉरेस्ट के जरिए हरियाली बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण की अभिनव पहल शुरू की जा रही है। इसके लिए सरकार ने अलग कृषि जलवायु क्षेत्रों (एग्रो क्लाइमेटिक जोन) के 15 जिलों को चिह्नित किया है। इन जिलों में किसानों के सहयोग से अगले छह महीने में फूड फॉरेस्ट विकसित किए जाएंगे। इसके लिए जो जिले चिह्नित किए गए हैं उनमें बिजनौर, अमरोहा और सहारनपुर आम तथा संभल, रामपुर व बदायूं अमरूद पट्टी के हैं। अन्य जिले भी किसी न किसी फलपट्टी में शामिल हैं।
विज्ञापन
दरअसल, सरकार का मकसद औद्यानिक फसलों के समन्वित विकास एवं प्रसंस्करण में यूपी को अग्रणी राज्य के रूप में विकसित करना है। फूड फॉरेस्ट एक साथ इन सभी उद्देश्यों को पूरा करने में मददगार होंगे। फिलहाल देश में फलदार पौधों का रकबा और उत्पादन क्रमश: 66.64 लाख हेक्टेयर एवं 990.69 लाख मीट्रिक टन है। इसमें यूपी की हिस्सेदारी क्रमश: 4.96 लाख हेक्टेयर एवं 110.6 लाख मीट्रिक टन है। देश के कु ल रकबे और उत्पादन में यूपी का योगदान क्रमश: 7.44 और 11.16 फीसदी है।
विज्ञापन
आम, अमरूद, आंवला के उत्पादन में यूपी देश में पहले नंबर पर है। उत्पादकता के लिहाज से आम की उत्पादकता में यूपी नंबर वन है जबकि अमरूद व आंवला की उत्पादकता में क्रमश: आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु पहले नंबर पर हैं। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित फूड फॉरेस्ट प्रदेश में औद्यानिक उत्पादन और रकबा बढ़ाने में मददगार होंगे।
विज्ञापन
औद्यानिक फसलों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने व प्रसंस्करण इकाइयों को कच्चा माल उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। इससें स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का सरकार का मकसद भी पूरा होगा।
इन जिलों में विकसित होंगे फूड फॉरेस्ट
बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, बदायूं, गोरखपुर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और बुलंदशहर।