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कोहरे में छिपे बैक्टीरिया बढ़ा सकते हैं मुसीबत

Sat, 03 Jan 2015 04:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 03 Jan 2015 04:11 PM IST
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fog bacteria are dangerous for health.

दो-तीन दिन से हो रही बूंदाबांदी के बाद मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अब बारिश का दौर थमेगा और कोहरा छाने लगेगा। ऐसे में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।

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क्योंकि कोहरे की चादर में लिपटे दूषित कण शरीर के भीतरी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इसका सीधा असर हृदय, फेफड़ों के साथ आंख, कान और नाक पर होता है। ऐसे में कोई भी संक्रमण की चपेट में आ जाता है।
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सर्दी के चलते अस्पतालों में सबसे अधिक मरीज निमोनिया, कोल्ड फ्लू, कोल्ड डायरिया, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हाई ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियों के हैं।

केजीएमयू के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत बताते हैं कि ठंड में बच्चे और बूढ़ों को अधिक खतरा रहता है। वह कहते हैं कि बच्चों और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उन्हें संक्रमण तेजी से होता है।
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इससे उनमें सांस संबंधी बीमारी होने का डर बना रहता है। डॉ. सूर्यकांत के अनुसार सर्दी बढ़ने से सांस के नली की संवेदनशीलता तुलनात्मक रूप से बढ़ जाती है और उसमें सिकुड़न आ जाती है।

हार्ट पेशेंट रखें खास खयाल

fog bacteria are dangerous for health.

तापमान में गिरावट के कारण रक्तवाहिनियों में सिकुड़न होती है और कॉलेस्ट्रॉल का जमाव बढ़ता है। ऐसे में सांस लेने में दिक्कत होने के साथ हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है।

ऐसी स्थिति से बचने के लिए बच्चों, बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, गठिया और सांस के रोगियों को अपना खास खयाल रखना चाहिए।

बचाव के लिए साफ-सुथरे और पूरा शरीर ढकने वाले कपड़े पहनें। सिर, गले और कान को खासतौर पर ढकें। सर्दी में वायरस सक्रिय हो जाते हैं और कुछ भी खाने से पहले हाथ साबुन से धोना चाहिए।

हृदय रोगी गुनगुने पानी से नहाएं। सांस के रोगी सर्दी से बचाव के साथ चिकित्सक की सलाह से अपने इन्हेलर की डोज दुरुस्त कर लें। अक्सर सर्दी में सांस लेने में दिक्कत होने पर इन्हेलर की मात्रा बढ़ानी पड़ती है।

धूप लेने के साथ शरीर की नियमित मालिश करें जिससे रक्त प्रवाह ठीक रहेगा। डॉक्टरी सलाह के बाद इन्फ्लूएन्जा वैक्सीन का प्रयोग सर्दी में जीवाणुओं से बचाता है।

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