रियल स्टेट कारोबार में भारी गिरावट, लखनऊ में गिरी फ्लैट्स की कीमत
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मंदी की मार झेल रहे राजधानी के रियल एस्टेट कारोबार में भारी गिरावट आई है। निवेशकों की अपना पैसा निकालने की कोशिश ने प्रॉपर्टी डीलरों के रातों की नींद उड़ा दी है।
कीमतें घटाने को मजबूर बिल्डरों की हालत पर ऑनलाइन प्रॉपर्टी बेचने की सुविधा देने वाली वेबसाइट मैजिकब्रिक्स का सर्वे नए ट्रेंड पर मुहर लगाता है। ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक बहुमंजिला अपार्टमेंट्स में फ्लैट्स की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।
ट्रेंड रिपोर्ट 2014 और 2016 की जुलाई-सितंबर तिमाही के आंकड़ों को देखें तो राजधानी में फ्लैटों की कीमतों में स्थिरता ही देखने को मिल रही है। यह हालत उस समय है जबकि 2014-15 और 2015-16 में दो बार डीएम सर्किल रेट भी बढ़ चुका है।
इसके बाद भी बिल्डर्स अपने फ्लैट्स की कीमत नहीं बढ़ा पाए। 2015 में कीमतों में आंशिक रूप से बढ़ोतरी दिखी लेकिन इसके बाद 2016 में फिर से तेजी से गिरावट कीमतों में आई।
एक्सपर्ट का कहना है कि इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि दो साल पहले ही रियल एस्टेट में मार्केट दर बहुत बढ़ गई। डीएम सर्किल रेट को हर साल 10-15 प्रतिशत रिहाइशी क्षेत्र में बढ़ाकर बराबर लाना पड़ा। इस बीच मार्केट कीमतों की दरें नहीं बढ़ पाईं।
हालांकि, पिछली तिमाही में 200-300 रुपये प्रति वर्गफीट तक आई कीमतों में गिरावट की अकेली वजह मंदी ही दिखती है। दोनों मामलों में मुनाफे के लिए फ्लैट्स खरीदने वाले लोग घाटे में हैं। वहीं नए प्रोजेक्ट्स में भी कीमतें कम रखने का दबाव बिल्डरों के ऊपर बना हुआ है।
कहां कितने गिरे दाम
शहीद पथ
2014 3209 रुपये
2016 3228 रुपये
पिछली तिमाही से गिरावट- 213 रुपये
सुशांत गोल्फसिटी
2014 3354 रुपये
2016 3184 रुपये
पिछली तिमाही से गिरावट- 58 रुपये
सुल्तानपुर रोड
2014 3141 रुपये
2016 3155 रुपये
पिछली तिमाही से गिरावट- 25 रुपये
कानपुर रोड
2014 2752 रुपये
2016 3142 रुपये
पिछली तिमाही से बढ़ोतरी- 16 रुपये
सरकारी में असर नहीं
2014 3165 रुपये
2016 3431 रुपये
पिछली तिमाही से गिरावट- चार रुपये
गोमतीनगर विस्तार, एलडीए
2015 4166 रुपये
2016 4620 रुपये
पिछली तिमाही में बढ़ोतरी- 91 रुपये
यह आंकड़े दोनों साल के जुलाई से सितंबर तिमाही के तुलनात्मक हैं। वहीं पिछली तिमाही का मतलब अप्रेल-जून 2016 से है। कीमतें प्रति वर्गफीट की हैं
मैप में देखें, कहां गिरे कितने दाम