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फ्लैट बनकर तैयार पर आवास विकास नहीं दे रहा कब्जा, जानें क्या है वजह
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:49 PM IST
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अवध विहार योजना में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के फ्लैट तो तैयार हैं। करीब सात महीने पहले फ्लैटों के नंबर भी जारी हो चुके। पर, आवास विकास परिषद आवंटियों को न तो कब्जा दे रही है और न उनसे किस्त ले रही है। जबकि आवंटी किस्तें जमा करने को तैयार हैं। इससे परेशान करीब 1500 आवंटी परिषद के चक्कर लगा रहे हैं। इसके पीछे क्या वजह हैं, इसे परिषद साफ नहीं कर रही है।
आवास विकास परिषद की सुलतानपुर रोड आवासीय योजना 2012 में शुरू हुई। साल 2013 में आवास विकास ने यहां पर स्ववित्त पोषित योजना में बड़े और महंगे बहुमंजिला आवासीय योजनाओं के साथ कम आय वर्ग के लिए एलआईजी व ईडब्लूएस की बसेरा और आसरा नाम से योजनाएं शुरू कीं।
इनमें 750 फ्लैट ईडब्लूएस और 750 एलआईजी के फ्लैटों के लिए पंजीकरण खोला गया। पंजीकरण के बाद पहले पात्रता चयन कर कर आवंटन किया गया और उसके बाद फ्लैट नंबरिंग का ड्रॉ करके यह तय किया गया कि किस आवंटी को कौन-सा फ्लैट दिया जाएगा। यह सब होने के बाद अब आवंटियों को किस्तें जमा करनी हैं और फ्लैट का कब्जा लेना है।
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आवास विकास परिषद की सुलतानपुर रोड आवासीय योजना 2012 में शुरू हुई। साल 2013 में आवास विकास ने यहां पर स्ववित्त पोषित योजना में बड़े और महंगे बहुमंजिला आवासीय योजनाओं के साथ कम आय वर्ग के लिए एलआईजी व ईडब्लूएस की बसेरा और आसरा नाम से योजनाएं शुरू कीं।
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इनमें 750 फ्लैट ईडब्लूएस और 750 एलआईजी के फ्लैटों के लिए पंजीकरण खोला गया। पंजीकरण के बाद पहले पात्रता चयन कर कर आवंटन किया गया और उसके बाद फ्लैट नंबरिंग का ड्रॉ करके यह तय किया गया कि किस आवंटी को कौन-सा फ्लैट दिया जाएगा। यह सब होने के बाद अब आवंटियों को किस्तें जमा करनी हैं और फ्लैट का कब्जा लेना है।
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तीन साल में कब्जा देने का था वादा
डेमो
- फोटो : डेमो फोटो
योजना शुरू करते समय तीन साल के अंदर आवंटी को कब्जा देने का वादा किया गया था। परेशान आवंटी अकील, हिमांशू, प्रभात कु मार, दीपक और अखिलेश बताते हैं कि जब तक किस्त जमा होेने का आदेश नहीं होगा तब तक कब्जा भी नहीं मिलेगा। कई बार परिषद के अफसरों से बात की मगर वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं। करीब सात महीने से न तो किस्तें जमा करने का आदेश जारी किया जा रहा है और न ही कब्जा दिया जा रहा है।
किस्त जमा नहीं किए जाने और कब्जा न दिए जाने के पीछे असल वजह आवंटन की शर्तों में बदलाव करने की तैयारी को बताया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आश्रयहीन योजना, कांशीराम योजना की तरह 15 साल तक आवंटी फ्लैट न बेच पाएं, ये शर्तें लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए फ्लैट को फ्री होल्ड करने की बजाय 15 साल तक लीज पर ही रखने की योजना है।
इसी पर प्रशासन को निर्णय लेना है। जिसको लेकर ही आला अधिकारी मंथन कर रहे हैं। इसको लेकर पिछले कई महीने से आसरा और बसेरा योजना की फाइल परिषद मुख्यालय में आला अधिकारियों के कार्यालय में पड़ी है। आवासीय योजना के नियमों के तहत परिषद को सभी योजनाओं में दस प्रतिशत एलआईजी और दस प्रतिशत ईडब्लूएस आवास बनाना जरूरी है।
ये मकान आवंटी को कम कीमत पर देने हैं। इसको लेकर परिषद ने ईडब्लूएस व एलआईजी आवास बनाए हैं। उनमें जमीन की कीमत से आवंटी को राहत दी गई और यह कीमत स्ववित्त पोषित योजना में बनाए गए आवासों पर लोड क ी गई है। ऐसे में परिषद की जेब से कुछ नहीं गया। कम आय वर्ग के लोगों को परेशानी न हो उसके लिए उनको पैसा भी 15 साल की किस्तों में अदा करना है मगर परिषद प्रशासन अब तक कि श्तें जमा करने का आदेश जारी नहीं किया है।
इस बारे में पता किया जाएगा कि किस वजह से किस्तें नहीं जमा की जा रही हैं और कब्जा नहीं मिल पा रहा है। हो सकता है कि कुछ काम चल रहा हो। जो भी होगा उसका जल्द समाधान कर आवंटियों को राहत दी जाएगी - धीरज साहू, आवास आयुक्त
किस्त जमा नहीं किए जाने और कब्जा न दिए जाने के पीछे असल वजह आवंटन की शर्तों में बदलाव करने की तैयारी को बताया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आश्रयहीन योजना, कांशीराम योजना की तरह 15 साल तक आवंटी फ्लैट न बेच पाएं, ये शर्तें लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए फ्लैट को फ्री होल्ड करने की बजाय 15 साल तक लीज पर ही रखने की योजना है।
इसी पर प्रशासन को निर्णय लेना है। जिसको लेकर ही आला अधिकारी मंथन कर रहे हैं। इसको लेकर पिछले कई महीने से आसरा और बसेरा योजना की फाइल परिषद मुख्यालय में आला अधिकारियों के कार्यालय में पड़ी है। आवासीय योजना के नियमों के तहत परिषद को सभी योजनाओं में दस प्रतिशत एलआईजी और दस प्रतिशत ईडब्लूएस आवास बनाना जरूरी है।
ये मकान आवंटी को कम कीमत पर देने हैं। इसको लेकर परिषद ने ईडब्लूएस व एलआईजी आवास बनाए हैं। उनमें जमीन की कीमत से आवंटी को राहत दी गई और यह कीमत स्ववित्त पोषित योजना में बनाए गए आवासों पर लोड क ी गई है। ऐसे में परिषद की जेब से कुछ नहीं गया। कम आय वर्ग के लोगों को परेशानी न हो उसके लिए उनको पैसा भी 15 साल की किस्तों में अदा करना है मगर परिषद प्रशासन अब तक कि श्तें जमा करने का आदेश जारी नहीं किया है।
इस बारे में पता किया जाएगा कि किस वजह से किस्तें नहीं जमा की जा रही हैं और कब्जा नहीं मिल पा रहा है। हो सकता है कि कुछ काम चल रहा हो। जो भी होगा उसका जल्द समाधान कर आवंटियों को राहत दी जाएगी - धीरज साहू, आवास आयुक्त