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Lucknow News: पांच निजी उर्वरक विक्रेता प्रशासन के रडार पर, एफआईआर की तैयारी
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लखनऊ। जिले में उर्वरक किल्लत के पीछे संदिग्ध भूमिका निभाने वाले पांच निजी विक्रेताओं की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। प्रशासन पहले ही इनके लाइसेंस निरस्त कर चुका है। अब कृषि विभाग इन पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है।
अगस्त में जिले में 2.18 लाख क्विंटल यूरिया और 52,150 क्विंटल डीएपी वितरित हो चुकी है। यह पिछले वर्ष की तुलना में यूरिया 42,660 क्विंटल और डीएपी 6,750 क्विंटल अधिक है। इसके बावजूद किसानों को कई दिनों तक उर्वरक के लिए मारामारी झेलनी पड़ी। इसी संदेह पर प्रशासन ने टॉप-20 वायर्स की जांच कराई। जांच में पांच विक्रेताओं मैसर्स यादव खाद भंडार, सैफलपुर (काकोरी), मैसर्स वर्मा खाद भंडार, कपेरा मदारपुर (गोसाईंगंज), मैसर्स गोसाईंगंज किसान प्रोड्यूसर कंपनी लि., अमेठी (गोसाईंगंज), मैसर्स मौर्या खाद एवं बीज भंडार, काकोरी, मैसर्स नितेश वर्मा खाद भंडार, कपेरा मदारपुर (गोसाईंगंज) की संलिप्तता सामने आई। ऐसे में इन पांचों विक्रेताओं का लाइसेंस चार दिन पहले ही निरस्त कर किया जा चुका है।
सूत्र बताते हैं कि जांच अभी जारी है। जांच में प्रथमदृष्टया यह बात सामने आई है कि इन विक्रेताओं ने किसानों को कम उर्वरक बेचा, लेकिन अंगूठा लगवाकर रजिस्टर में अधिक मात्रा दिखा दी। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जांच में विक्रेता अगर दोषी मिलते हैं तो संबंधित विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी।
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अगस्त में जिले में 2.18 लाख क्विंटल यूरिया और 52,150 क्विंटल डीएपी वितरित हो चुकी है। यह पिछले वर्ष की तुलना में यूरिया 42,660 क्विंटल और डीएपी 6,750 क्विंटल अधिक है। इसके बावजूद किसानों को कई दिनों तक उर्वरक के लिए मारामारी झेलनी पड़ी। इसी संदेह पर प्रशासन ने टॉप-20 वायर्स की जांच कराई। जांच में पांच विक्रेताओं मैसर्स यादव खाद भंडार, सैफलपुर (काकोरी), मैसर्स वर्मा खाद भंडार, कपेरा मदारपुर (गोसाईंगंज), मैसर्स गोसाईंगंज किसान प्रोड्यूसर कंपनी लि., अमेठी (गोसाईंगंज), मैसर्स मौर्या खाद एवं बीज भंडार, काकोरी, मैसर्स नितेश वर्मा खाद भंडार, कपेरा मदारपुर (गोसाईंगंज) की संलिप्तता सामने आई। ऐसे में इन पांचों विक्रेताओं का लाइसेंस चार दिन पहले ही निरस्त कर किया जा चुका है।
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सूत्र बताते हैं कि जांच अभी जारी है। जांच में प्रथमदृष्टया यह बात सामने आई है कि इन विक्रेताओं ने किसानों को कम उर्वरक बेचा, लेकिन अंगूठा लगवाकर रजिस्टर में अधिक मात्रा दिखा दी। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जांच में विक्रेता अगर दोषी मिलते हैं तो संबंधित विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी।
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