Video: नाव पलटी, मदद के लिए छटपटाते रहे, डूब कर पांच की मौत
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ठाकुरगंज में शनिवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान नाव पलटने से पांच युवक डूब गए। इनमें से दो के शव मिले हैं। गोताखोर बाकी तीन का पता नहीं लगा सके। हादसा दोपहर करीब 12 बजे घैला पुल के नीचे गोमती नदी में हुआ।
शेखपुर गांव में शुक्रवार रात देवी जागरण का कार्यक्रम था। शनिवार सुबह करीब 40 लोग मूर्ति विसर्जन करने गए थे। माता की मूर्ति लेकर पिंटू (24), छोटू (26), बलराम (17), दीपू (24) और अर्पित उर्फ दिव्यांश (19) नाव से गए। बीच नदी में नाव अनियंत्रित होकर पलट गई।
हादसे में नाविक तो तैर कर निकल गया। बाकी पांचों युवक नदी में डूब गए। पुलिस कंट्रोल रूम को हादसे की सूचना दी गई। मड़ियांव और ठाकुरगंज थाने की फोर्स मौके पर पहुंची और मछुआरों को नदी में उतारा।
हालांकि वे किसी को ढूंढ नहीं सके। तब पुलिस ने गोताखोरों को बुलवाया। करीब तीन घंटे तक वे नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्हें संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बाद में गोताखोरों ने दीपू व बलराम के शव ढूंढ निकाले। बाकी तीन का कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह इनकी फिर से तलाश की जाएगी।
तीन घंटे तक नहीं पहुंचे गोताखोर, प्रदर्शन
नाव पलटने से हुए हादसे में डूबे लोगों को निकालने के लिए गोताखोर तीन घंटे तक नहीं पहुंचे तो ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने पुल के ऊपर पहुंचकर ट्रैफिक जाम कर दिया। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पथराव किया और तोड़फोड़ की। ग्रामीणों ने लोडर पलटाकर आग लगाने की कोशिश की।
ग्रामीणों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। ग्रामीण भागने लगे तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। जवाब में ग्रामीणों ने भी पत्थर चलाए। इसमें ठाकुरगंज थाने के सिपाही शशिकांत, जंग बहादुर व एक अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।
बवाल दो घंटे तक चला। इससे आईआईएम रोड पर जाम लग गया। शाम करीब सात बजे यातायात सामान्य हो सका। इस बीच पहुंचे गोताखोरों ने दीपू व बलराम के शव नदी से निकाल लिए गए। दीपू अहिंसा दल का जिलाध्यक्ष था।
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