सीएम अखिलेश के कार्यक्रम में गुल हुई बिजली, पांच अफसरों पर गिरी गाज
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सूबे की राजधानी में बिजली की बदहाली की पोल तब खुल गई जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद इससे रू-ब-रू हुए। अखिलेश को सोमवार सुबह 11:30 बजे नए सचिवालय लोक भवन में समाजवादी स्मार्ट फोन योजना की वेबसाइट की लांचिंग व लैपटॉप पाने वाले मेधावियों से मुलाकात करनी थी।
सीएम करीब सवा 10 बजे ही लाव-लश्कर के साथ लोक भवन पहुंच गए। पता चला कि वहां की बिजली गुल है तो सीएम को उल्टे पांव वापस लौटना पड़ा। खबर मिलते ही शक्ति भवन से लेकर लेसा तक हड़कंप मच गया।
इससे नाराज सीएम के निर्देश पर आननफानन में लेसा के मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार व अधीक्षण अभियंता (ट्रांसमिशन) अनिल कुमार जायसवाल समेत पांच अफसरों को हटाकर चार्जशीट थमा दी गई।
इंजीनियरों पर कार्रवाई के लिए छुट्टी के दिन प्रशासनिक अफसरों को घर से तलब किया गया। सभी इंजीनियरों पर निलंबन की तलवार भी लटकी है।
मेंटीनेंस के कारण 10-10 घंटे काटी जा रही बिजली
राजधानी में मेंटेनेंस के नाम पर 10-10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। सोमवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री को भी इससे जूझना पड़ा तो अफसरों के हाथ पांव फूल गए।
बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जेनरेटर चलाया जा रहा था लेकिन सीएम के पहुंचने से पहले वह भी ठप हो गया। सीएम के लौटने के बाद राजकीय निर्माण निगम के एमडी आरके गोयल ने पावर कॉर्पोरेशन के एमडी एपी मिश्र को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी।
मिश्र ने आननफानन में 132 केवी ट्रांसमिशन उपकेंद्र मार्टिनपुरवा का मेंटेनेंस पूरा कराकर पूर्वाह्न 11.04 बजे बिजली चालू कराई। इसके बाद मुख्यमंत्री दोबारा लोक भवन में कार्यक्रम के लिए पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल को लापरवाह अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अग्रवाल ने पावर कार्पोरेशन व ट्रांसमिशन कार्पोरेशन के आला अफसरों के साथ बैठक करके लेसा के चीफ समेत सभी संबंधित इंजीनियरों हटाने और उन्हें चार्जशीट देकर 24 घंटे में जवाब तलब करने के निर्देश दिए। चार्जशीट का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बत्ती गुल की जांच भी विवादित को सौंपी
मुख्यमंत्री कार्यालय की बत्ती गुल होने की जांच लेसा के उस अफसर को सौंपी गई जो खुद ब्लैक लिस्ट कंपनी को ठेका देने में विवादों में है।
मध्यांचल निगम के निदेशक (तकनीकी) सुधीर कुमार वर्मा को जांच सौंपी गई है। वह तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेंगे। जो अफसर कुछ दिन पहले तक इन इंजीनियरों का मुख्य अभियंता रहा वहीं जांच करेगा।