यूपी में बंपर पांच लाख भर्तियां करेगी सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार ने आखिरकार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के गठन का रास्ता साफ कर दिया।
विधान मंडल से आयोग के गठन संबंधी विधेयक पारित न होने के बाद मंगलवार को कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा आयोग (द्वितीय) अध्यादेश 2014 के प्रारूप को मंजूरी दे दी।
आयोग का गठन होने के बाद समूह ग स्तर के पांच लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। आयोग में अध्यक्ष के अलावा आठ सदस्य होंगे। इनका कार्यकाल पांच साल या अधिकतम 68 वर्ष की आयु तक होगा।
2 जून 2014 को जारी हुआ अध्यादेश
राज्य सरकार समूह ग स्तर के पदों की भर्तियां अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के माध्यम से कराना चाहती है।
इसके लिए विधिक संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के गठन का निर्णय पूर्व में कैबिनेट ने किया था। विधायी विभाग ने इसके आधार पर 2 जून 2014 को अध्यादेश जारी कर दिया।
इसका विधेयक 19 जून से शुरू हुए विधान मंडल में पारित कराया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
राज्य सरकार के पास होगा विशेषाधिकार
नियमों के मुताबिक यह अध्यादेश विधान मंडल का सत्र शुरू होने के छह सप्ताह यानी 30 जुलाई के बाद निष्प्रभावी हो जाता। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा आयोग द्वितीय अध्यादेश 2014 के प्रारूप को कैबिनेट से अनुमोदित करा लिया है।
आयोग राजकीय, राज्य सरकार से स्थापित या उसके नियंत्रण में आने वाले बोर्ड, निगम या निकाय के समूह ग स्तर के पदों पर चयन करेगा।
राज्य सरकार के पास यह अधिकार होगा कि वह अधिसूचना के माध्यम से किसी भी पद को आयोग के कार्यक्षेत्र से हटा या जोड़ सकेगी।