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अयोध्या में पांच वर्ष में पांच लाख लोगों को मिलेगा रोजगार, फल-फूल समेत इन कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

Wed, 12 Aug 2020 12:46 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Wed, 12 Aug 2020 12:46 PM IST
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five lakh people will get employment in ayodhya in five years
- फोटो : अमर उजाला
राज्य सरकार अयोध्या में जिस तरह से काम कर रही है, उससे वहां की अर्थव्यवस्था पांच साल में 50 हजार करोड़ और 10 साल में 1.5 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है। अर्थशास्त्री प्रो. एपी तिवारी बताते हैं कि एक अनुमान के मुताबिक 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश पर करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलता है।
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यानी पांच साल में 50 हजार करोड़ रुपये निवेश होने पर करीब पांच लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है। इसी तरह भविष्य में भी रोजगार के और अवसर पैदा होंगे। इसका फायदा अर्थव्यवस्था को होगा और स्थानीय लोगों की आय भी बढ़ेगी। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के जानकारों की मानें तो होटल का एक कमरा 10 लोगों को रोजगार देता है।
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किसी भी होटल में औसतन 15-20 कमरे होते हैं। इस तरह एक होटल कम से कम 100 रोजगार देगा। वर्तमान में अयोध्या में 12 नए होटल के प्रस्ताव आए हैं। इससे 1,000-1,500 रोजगार पैदा हो सकेंगे। वहीं, अच्छे होटल होने पर पर्यटक यहां रुकना पसंद करेंगे और होटल के साथ ही स्थानीय स्तर पर ज्यादा खर्च भी करेंगे। वहीं, अच्छे होटल खुलेंगे तो अयोध्या में टूरिस्ट गाइड की मांग बढ़ेगी।
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स्टार होटल बनाने से अयोध्या में रुक सकेंगे विदेशी पर्यटक

यूपी इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के चेयरमैन प्रतीक हीरा कहते हैं कि पिछले वर्ष मेरे स्तर से करीब 500 विदेशी पर्यटकों को अयोध्या का भ्रमण कराया गया। लेकिन इनमें से किसी ने अयोध्या में रात्रि विश्राम नहीं किया। वे लखनऊ लौट गए या फिर प्रयागराज या वाराणसी चले गए। मगर अब स्टार होटल बनने से वहां पर्यटक रुकेंगे।

इससे वहां की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा। आगरा से लखनऊ, लखनऊ से अयोध्या, अयोध्या से प्रयागराज और प्रयागराज से वाराणसी पर्यटकों के लिए एक सर्किट की तरह है। सरकार को स्थानीय विकास के साथ इस सर्किट के इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट पर भी ध्यान देना चाहिए जिससे कम समय में पर्यटक इन स्थलों पर पहुंच सकें।

फल-फूल और फोटोग्राफी के कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

अयोध्या में जैसे-जैसे धार्मिक गतिविधियां बढ़ेंगी, पर्यटक बढ़ेंगे तो फोटोग्राफी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। फल, फूल, दूध की मांग भी बढ़ेगी। यानी पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था के साथ कृषि अर्थव्यवस्था को फलने-फूलने का बड़ा अवसर आएगा। ऐसे में स्थानीय किसानों को फूलों व तुलसी की खेती के लिए प्रोत्साहित कर आय व रोजगार का बड़ा अवसर पैदा किया जा सकेगा।

 

हैंडलूम और प्रकाशन सेक्टर को भी लगेंगे पंख

आमतौर पर धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों को वहां की पहचान से जुड़े प्रतीकों, पुस्तकों को खरीदने में रुचि होती है। ऐसे में अयोध्या की जैसे-जैसे वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ेगी, वहां की संस्कृति की छाप से जुड़े गमछे, कुर्ते, खड़ाऊं आदि की मांग बढ़ेगी। साथ ही, धार्मिक साहित्य और वहां के इतिहास से जुड़े प्रकाशन बढ़ेंगे। इससे हैंडलूम और प्रकाशन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेगी। इससे अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा और लोगों की आय भी।

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