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Lucknow News: बिजली कटौती से पांच लाख उपभोक्ता बेहाल
Wed, 03 Jul 2024 03:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 03 Jul 2024 03:48 AM IST
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रायबरेली। जिले में भले ही बिजली की मांग कम हो गई, लेकिन अघोषित कटौती कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। सोमवार रात कई चरणों में अघोषित तरीके से बिजली कटौती की गई। इससे पांच लाख उपभोक्ता गर्मी और उमस से बेहाल रहे। जर्जर संसाधन भी बिजली आपूर्ति में रोड़ा बन रहे है। इससे लोगों को 24 घंटे में बमुश्किल 15 से 16 घंटे बिजली मिल रही है।
भीषण गर्मी में जिले की बिजली खपत 320 मेगावाट पहुंच गई थी, जो अब 289 मेगावाट तक हो गई है। इसके बाद भी बिजली कटौती के साथ फाल्ट की दिक्कत बनी हुई है। सोमवार की रात कठगर, ऊंचाहार, डलमऊ, सलोन, महराजगंज समेत 50 उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में चार चरणों में आठ-आठ घंटे बिजली कटौती की गई। रात ही नहीं मंगलवार सुबह भी बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर, प्रभारी अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि अघोषित कटौती ऊपर से होती है, लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं हो रही है।
नहरों में पानी नहीं, कैसे हो धान की रोपाई
जिले की नहरें पहले से सूखी है। बारिश भी नहीं हो रही है। ऐसे में किसानों के सामने बिजली ही सहारा है। किसान नलकूप के सहारे धान की रोपाई करा रहे हैं। अब अघोषित कटौती शुरू होने से धान की रोपाई का काम भी प्रभावित हो गया है। किसान रामऔतार, माताबदल, अश्वनी बाजपेयी, रतीपाल ने बताया कि बिजली की अघोषित कटौती से किसान धान की रोपाई नहीं करा पा रहे हैं। व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
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नहीं रुक रही बिजली चोरी
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली चोरी थम नहीं रही है। इंदिरा नगर विद्युत उपकेंद्र के आसपास ठेलिया और गुमटियों में दुकानदार धड़ल्ले से बिजली चोरी कर रहे है। इसी तरह तेलियाकोट, खतराना, बहराना में चोरी की बिजली से एसी चल रहे हैं। बावजूद पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी बिजली चोरी नहीं रोक पा रहे हैं।
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भीषण गर्मी में जिले की बिजली खपत 320 मेगावाट पहुंच गई थी, जो अब 289 मेगावाट तक हो गई है। इसके बाद भी बिजली कटौती के साथ फाल्ट की दिक्कत बनी हुई है। सोमवार की रात कठगर, ऊंचाहार, डलमऊ, सलोन, महराजगंज समेत 50 उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में चार चरणों में आठ-आठ घंटे बिजली कटौती की गई। रात ही नहीं मंगलवार सुबह भी बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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उधर, प्रभारी अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि अघोषित कटौती ऊपर से होती है, लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं हो रही है।
नहरों में पानी नहीं, कैसे हो धान की रोपाई
जिले की नहरें पहले से सूखी है। बारिश भी नहीं हो रही है। ऐसे में किसानों के सामने बिजली ही सहारा है। किसान नलकूप के सहारे धान की रोपाई करा रहे हैं। अब अघोषित कटौती शुरू होने से धान की रोपाई का काम भी प्रभावित हो गया है। किसान रामऔतार, माताबदल, अश्वनी बाजपेयी, रतीपाल ने बताया कि बिजली की अघोषित कटौती से किसान धान की रोपाई नहीं करा पा रहे हैं। व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
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नहीं रुक रही बिजली चोरी
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली चोरी थम नहीं रही है। इंदिरा नगर विद्युत उपकेंद्र के आसपास ठेलिया और गुमटियों में दुकानदार धड़ल्ले से बिजली चोरी कर रहे है। इसी तरह तेलियाकोट, खतराना, बहराना में चोरी की बिजली से एसी चल रहे हैं। बावजूद पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी बिजली चोरी नहीं रोक पा रहे हैं।