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Lucknow News: करंट से लाइनमैन की मौत मामले में जेई-एसडीओ समेत पांच दोषी
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। मोहनलालगंज उपकेंद्र पर लाइनमैन राजेश कुमार की करंट लगने से हुई मौत के मामले में दो जेई और दो एसडीओ समेत पांच जिम्मेदार दोषी पाए गए हैं। चारों अभियंताओं को बुधवार को आरोपपत्र जारी किए गए। वहीं, जिस उपकेंद्र ऑपरेटर सुनील कुमार ने राजेश के लाइन पर काम करने के दौरान बिजली आपूर्ति चालू कर दी थी, उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
अमौसी जोन के अधीक्षण अभियंता तकनीकी ब्रह्मपाल ने बताया कि 29 अक्तूबर को मोहनलालगंज उपकेंद्र पर तैनात लाइनमैन राजेश कुमार की मौत के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने मंगलवार को रिपोर्ट सौंप दी। जांच में 11 केवी और 33 केवी से जुड़े अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। इनमें 11 केवी के जेई विजय कुमार शर्मा, 33 केवी के जेई विनीत कुमार वर्मा, 11 केवी के एसडीओ सौरभ मौर्य और 33 केवी के एसडीओ राजेश सोनी शामिल हैं।
कमेटी से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, 11 केवी लाइन का शटडाउन लेने और बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू करने की जिम्मेदारी जेई की होती है। इस तरह के संवेदनशील काम की निगरानी एसडीओ को भी करनी चाहिए थी। अधिकारियों की इसी लापरवाही से लाइन पर काम कर रहे राजेश की करंट लगने से मौत हो गई।
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सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट का इंतजार
मामले में विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम ने भी पिछले सप्ताह जांच की थी, लेकिन अब तक रिपोर्ट बिजली निगम को नहीं भेजी गई है। रिपोर्ट नहीं मिलने से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मिलने में भी देरी हो रही है।
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अमौसी जोन के अधीक्षण अभियंता तकनीकी ब्रह्मपाल ने बताया कि 29 अक्तूबर को मोहनलालगंज उपकेंद्र पर तैनात लाइनमैन राजेश कुमार की मौत के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने मंगलवार को रिपोर्ट सौंप दी। जांच में 11 केवी और 33 केवी से जुड़े अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। इनमें 11 केवी के जेई विजय कुमार शर्मा, 33 केवी के जेई विनीत कुमार वर्मा, 11 केवी के एसडीओ सौरभ मौर्य और 33 केवी के एसडीओ राजेश सोनी शामिल हैं।
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कमेटी से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, 11 केवी लाइन का शटडाउन लेने और बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू करने की जिम्मेदारी जेई की होती है। इस तरह के संवेदनशील काम की निगरानी एसडीओ को भी करनी चाहिए थी। अधिकारियों की इसी लापरवाही से लाइन पर काम कर रहे राजेश की करंट लगने से मौत हो गई।
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सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट का इंतजार
मामले में विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम ने भी पिछले सप्ताह जांच की थी, लेकिन अब तक रिपोर्ट बिजली निगम को नहीं भेजी गई है। रिपोर्ट नहीं मिलने से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मिलने में भी देरी हो रही है।