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साइंस के विकास के लिए CST को चाहिए 68.56 करोड़
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Updated Fri, 03 Jan 2014 11:30 PM IST
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यूपी काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (सीएसटी) ने विज्ञान के विकास के लिए राज्य सरकार से पांच गुना ज्यादा बजट की मांग की है।
यूपी सीएसटी का दावा है कि बजट में यह बढ़ोतरी युवाओं को विज्ञान से जोड़ने में मददगार बनेगी।
वार्षिक योजना 2014-15 के लिए यूपी सीएसटी ने सरकार के सामने बजट 12.6 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 68.56 करोड़ रुपये करने की मांग रखी है।
यह प्रस्ताव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को भेज दिया गया है। प्रस्ताव में सबसे ज्यादा जोर विज्ञान की लोकप्रियता बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं को जोड़ने की कवायद पर दिया गया है।
वहीं बायोटेक्नोलॉजी के साथ मॉडर्न सेक्टर में प्रशिक्षण व रिसर्च की संभावना और तकनीकी विकास के लिए बजट मांगा गया है।
इनोवेशन के लिए नवप्रवर्तन सेल को प्रभावी बनाने के लिए भी दो करोड़ रुपये की मांग की गई है। यह सेल बख्शी का तालाब में बनाए जाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
डॉ. एमकेजे सिद्दकी, निदेशक, यूपी सीएसटी का कहना है कि पिछले चार साल से बजट (12.6 करोड़) में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
राज्य सरकार की विज्ञान में रुचि को देखते हुए पांच गुना ज्यादा बजट मांगा गया है। बजट मिलने पर काउंसिल बेहतर और प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा।
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यूपी सीएसटी का दावा है कि बजट में यह बढ़ोतरी युवाओं को विज्ञान से जोड़ने में मददगार बनेगी।
वार्षिक योजना 2014-15 के लिए यूपी सीएसटी ने सरकार के सामने बजट 12.6 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 68.56 करोड़ रुपये करने की मांग रखी है।
यह प्रस्ताव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को भेज दिया गया है। प्रस्ताव में सबसे ज्यादा जोर विज्ञान की लोकप्रियता बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं को जोड़ने की कवायद पर दिया गया है।
वहीं बायोटेक्नोलॉजी के साथ मॉडर्न सेक्टर में प्रशिक्षण व रिसर्च की संभावना और तकनीकी विकास के लिए बजट मांगा गया है।
इनोवेशन के लिए नवप्रवर्तन सेल को प्रभावी बनाने के लिए भी दो करोड़ रुपये की मांग की गई है। यह सेल बख्शी का तालाब में बनाए जाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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डॉ. एमकेजे सिद्दकी, निदेशक, यूपी सीएसटी का कहना है कि पिछले चार साल से बजट (12.6 करोड़) में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
राज्य सरकार की विज्ञान में रुचि को देखते हुए पांच गुना ज्यादा बजट मांगा गया है। बजट मिलने पर काउंसिल बेहतर और प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा।