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हाईकोर्ट के सख्त रुख पर पांच मुख्य सेविकाओं का निलंबन समाप्त, रायबरेली में तैनाती
Mon, 21 Dec 2020 11:14 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 21 Dec 2020 11:14 PM IST
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अनियमितता के आरोप में निलंबित पांच मुख्य सेविकाओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के सख्त रुख के बाद बहाल कर रायबरेली में तैनाती दे दी गई है। इस मामले में दायर अवमानना के मामले में कोर्ट ने नोटिस जारी किया था। न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की पीठ ने यह नोटिस शैल सिंह, सीता त्रिपाठी, ज्ञानवाती सिंह व सुषमा शर्मा की अलग अलग याचिकाओं पर जारी की। याचियों की अधिवक्ता अभिलाषा पांडे ने बताया कि जनपद रायबरेली में गत वर्ष सलोन कस्बे के राधेश्याम पशु भंडार से प्राप्त पोषाहार की बरामदगी के बाद आनन-फानन जनपद प्रतापगढ़ और रायबरेली की कई मुख्य सेविकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निलंबित कर दिया गया था। अधिवक्ता ने कहा कि हालांकि निलंबन आकस्मिक निरीक्षण के उपरांत कथित रूप से पाई गई अनियमितताओं के क्रम में किया गया था लेकिन आरोपित कर्मचारियों की कोई भूमिका स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो सकी थी ।
इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को 25 जनवरी से 9 फरवरी के बीच मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए प्रकरण का निस्तारण करने का आदेश दिया था। ऐसा न होने पर न्यायालय के आदेश अनुसार निलंबन स्वत: समाप्त हो जाना था। लेकिन मुख्यालय स्तर पर न तो जांच पूरी हुई न ही निलंबन समाप्त हुआ। इसके बाद अवमाना का वाद दायर किया गया था। आदेशों का पालन न करने पर उच्च न्यायालय ने निदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार को अवमानना की कार्रवाई प्रारंभ करते हुए नोटिस जारी किया था। इसके बाद न्यायालय के आदेश के अनुपालन में निदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार सारिका मोहन ने याची मुख्य सेविकाओं को सेवा में बहाल करने का आदेश जारी कर दिया लेकिन विभागीय जांच अभी भी समाप्त होना शेष है।
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इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को 25 जनवरी से 9 फरवरी के बीच मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए प्रकरण का निस्तारण करने का आदेश दिया था। ऐसा न होने पर न्यायालय के आदेश अनुसार निलंबन स्वत: समाप्त हो जाना था। लेकिन मुख्यालय स्तर पर न तो जांच पूरी हुई न ही निलंबन समाप्त हुआ। इसके बाद अवमाना का वाद दायर किया गया था। आदेशों का पालन न करने पर उच्च न्यायालय ने निदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार को अवमानना की कार्रवाई प्रारंभ करते हुए नोटिस जारी किया था। इसके बाद न्यायालय के आदेश के अनुपालन में निदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार सारिका मोहन ने याची मुख्य सेविकाओं को सेवा में बहाल करने का आदेश जारी कर दिया लेकिन विभागीय जांच अभी भी समाप्त होना शेष है।
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