4 करोड़ की 25 हजार लीटर स्प्रिट बरामद, 5 गिरफ्तार
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पंजाब से पश्चिम बंगाल ले जाई जा रही 25 हजार लीटर रेक्रीफाइड स्प्रिट एसटीएफ व पुलिस की टीम ने बरामद कर ली है। इसकी कीमत 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर कोटवा गांव के पास टैंकर से निकालकर कालाबाजारी करते समय इलाहाबाद की एसटीएफ और इन्हौना चौकी पुलिस की संयुक्त टीम को यह सफलता मिली है।
टीम ने 1.52 लाख की नकदी, कार व 36 गैलन समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। एक कारोबारी मौके से भाग निकला। पुलिस इस कालाबाजारी से जुड़े अन्य कई लोगों का पता लगाने में जुट गई है।
पंजाब स्थित चड्ढा शुगर एंड इंड्रस्टीज लिमिटेड से 25 हजार लीटर रेक्रीफाइड स्प्रिट पश्चिम बंगाल ले जाई जा रही थी। सोमवार रात टैंकर चालक ने लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर शिवतरनगंज थाना क्षेत्र के कोटवा गांव के पास टैंकर को रोककर स्प्रिट बेच रहा था।
मुखबिर से मिली सूचना पर इलाहाबाद एसटीएफ के इंचार्ज अजय सिंह, दिलीप सिंह, प्रवीण कुमार जायसवाल, इन्हौना चौकी इंचार्ज बाढ़ू यादव, एसटी वर्मा व अन्य लोगों की टीम ने मौके पर छापा मारा तो कालाबाजारी पकड़ में आई।
इनमें से एक शराब व्यवसायी भी
मौके से बरामद किए गए 36 गैलन में से 30 में रेक्रीफाइड स्प्रिट भरी थी। यह टैंकर से निकाल कर गैलन में भरी जा रही थी। पकड़े गए खरीदारों में कृष्णा नगर मुराईबाग डलमऊ निवासी राम गिरीश जायसवाल, पूरे दल्ली अगहना डलमऊ निवासी राम कुमार, रायपुर टप्पा हवेली डलमऊ निवासी रामलखन शामिल हैं।
इनमें एक शराब व्यवसायी है। टीम ने नरायनपुर, थाना नेतुरिया जिला पुरलिया पश्चिम बंगाल निवासी चालक सपन बावरी व राजू क्वेरी को गिरफ्तार किया है। एक व्यक्ति मौके से भाग निकला।
टीम ने 1.52 लाख रुपये नगद, पांच मोबाइल, एक कार और 36 गैलन बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए कारोबारियों ने स्वीकार किया कि वे वर्षों से यह गोरखधंधा कर रहे हैं। चालक की मिली भगत से सस्ते रेट पर रेक्रीफाइड स्प्रिट लेते हैं। इससे लाखों का फायदा होता है। हर महीने यह काम किया जाता है। पुलिस को इसकी भनक नहीं लग पाती है।
मामले पर सीओ तिलोई मधुबन कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस टीम को यह बड़ी सफलता मिली है। टैंकर को चौकी में खड़ा करा लिया गया है। यह रेक्रीफाइड स्प्रिट शराब बनाने समेत कई और कामों में आती है। बरामद स्प्रिट से करीब 20 करोड़ रुपये की शराब बन सकती है। इस धंधे से जुड़े और कारोबारियों को पकड़ने के लिए टीमें लगाई गई हैं।