गंगा में फैला खतरनाक जहर, हजारों मछलियां मरीं
गंगा नदी में हजारों मछलियां मर गईं। गेगासों स्थित घाट पर मरी मछलियों के उतराने से हड़कंप मच गया है। कुछ मछलियां पानी के तेज बहाव में बह गई, वहीं कुछ मरी मछलियां नदी के किनारे पड़ी हैं।
इससे दुर्गंध बढ़ने लगी है, लेकिन प्रशानिक व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है। लोगों का मानना है कि फैक्ट्रियों का कैमिकल युक्त पानी छोड़े जाने से ऐसा हुआ।
रोज की तरह शुक्रवार की सुबह इलाके के लोग गंगा में स्नान के लिए गेगासों घाट पर पहुंचे। वहां का नजारा देखा तो लोगों के होश उड़ गए। नदी के किनारे जहां तक नजर गई, हर तरफ मछलियां मरी पड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भारी मात्रा में मरी हुई मछलियां गंगा के तेज बहाव में बह रही थी। वहीं कुछ दुर्लभ प्रजाति के कछुए भी नदी के किनारे मरे हुए पाए गए।
आक्सीजन की कमी से हो सकती है मौत
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी केके चौधरी का कहना है कि मछलियां पानी में घुलित आक्सीजन के सहारे जीवित रहती हैं। पानी में आक्सीजन की कमी होने पर उनकी जान जा सकती है। पानी में आक्सीजन की कमी की प्रमुख दो वजह होती हैं। एक तो पानी का बहुत अधिक दूषित होना, वहीं दूसरी वजह पानी का जहरीला होना है। पानी में जहर होने से भी मछलियों की मौत हो जाती है।
नहीं जानकारी, कराएंगे जांच
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. एके सिंह का कहना है कि गंगा नदी के पानी की समय-समय पर जांच कराई जाती है। मछलियों की मौत की जानकारी नहीं है। घटना की जांच कराई जाएगी। यदि वाकई मछलियां मरी हैं तो इसकी वजह का पता लगाया जाएगा।