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लखनऊ विश्वविद्यालय : दीक्षांत में पहली बार देंगे पीजी डिप्लोमा सर्टिफिकेट
Sun, 21 Nov 2021 01:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 01:34 PM IST
सार
लविवि परास्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने वाला देश का पहला विवि है। विवि ने अपने यहां सत्र 2020-21 में ही पीजी में एनईपी लागू कर दी है। इसके तहत विद्यार्थियों को मल्टीपल एग्जिट का विकल्प दिया गया है।
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लखनऊ विश्वविद्यालय।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लविवि प्रशासन इस बार अपने दीक्षांत समारोह में डिप्लोमा का सर्टिफिकेट भी देगा। यह डिप्लोमा पीजी के उन दो विद्यार्थियों को दिया जाएगा जिन्होंने एक साल पूरा होने पर ही एग्जिट लिया है। इसके साथ ही दीक्षांत समारोह में शिक्षकों की किताबों का विमोचन भी कराया जाएगा।
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लविवि परास्नातक स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने वाला देश का पहला विवि है। विवि ने अपने यहां सत्र 2020-21 में ही पीजी में एनईपी लागू कर दी है। इसके तहत विद्यार्थियों को मल्टीपल एग्जिट का विकल्प दिया गया है। विद्यार्थी चाहे तो एक साल में पीजी डिप्लोमा लेकर जा सकता है। वहीं दो साल की पढ़ाई पूरी होने पर उसे डिग्री मिलेगी। इस क्रम में एक साल की पढ़ाई पूरी होने पर दो विद्यार्थियों ने एग्जिट लिया है। इसमें बायोकेमिस्ट्री विभाग का छात्र मोहम्मद खालिद जमाली व बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के मोहित पुनेठा शामिल हैं।
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कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि इन छात्रों को दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के हाथों डिप्लोमा का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके माध्यम से विवि अपने विद्यार्थियों को यह संदेश देना चाहता है कि किसी कारण से अगर उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी तो यह उनके लिए समस्या का विषय नहीं होगा। विद्यार्थी फ्लैक्सिबल एंट्री व एग्जिट का विकल्प ले सकते हैं। इसी क्रम में नए सत्र 2021-22 में स्नातक स्तर पर भी एनईपी लागू कर दी गई है। अब इसके विद्यार्थी भी फ्लैक्सिबल एंट्री व एग्जिट का लाभ ले सकेंगे।
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