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लविवि कुलपति पद का विज्ञापन जारी
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एलयू वीसी के चयन के लिए पहली बार जारी हुआ विज्ञापन
‘अमर उजाला’ ने उठाया था कुलपतियों की नियुक्ति में यूजीसी के नियमों का पालन न होने का मुद्दा
लखनऊ विश्वविद्यालय के नए कुलपति के चयन के लिए पहली बार विज्ञापन जारी कर दिया गया है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 21 अक्तूबर तय की गई है। अभी तक कुलपति के चयन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों का पालन नहीं हो रहा था। कुलपति का चयन बिना आवेदन मांगे ही होते थे। ‘अमर उजाला’ द्वारा 16 सितंबर को ‘कुलपति के चयन में यूजीसी के नियम दरकिनार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित करके यह मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद राजभवन ने कुलपति के चयन में यूजीसी के मानकों का पालन करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को पत्र भी भेजा है।
लविवि समेत प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में अभी तक विज्ञापन जारी करने की परंपरा नहीं थी। अभी तक कुलपति का चयन करने के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया जाता है। यह सर्च कमेटी कम से कम तीन और अधिकतम पांच नाम राज्यपाल के पास भेजती है। इन्हीं में से कुलपति का चयन किया जाता है। वहीं यूजीसी के नियम कहते हैं कि कुलपति बनने के लिए अच्छे शिक्षाविद् को प्रोफेसर पद पर कम से कम 10 साल का अनुभव होने के साथ ही इसका पब्लिक नोटिफिकेशन होना अनिवार्य है। राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति के चयन में इन दोनों नियमों की अनदेखी की जाती थी। राजभवन ने कुलपति पद का विज्ञापन जारी जारी करके इस दिशा में सकारात्मक शुरुआत की है। हालांकि अन्य प्रावधानों पर उच्च शिक्षा विभाग को फैसला करना है।
अच्छी शुरुआत है
कुलपति पद का विज्ञापन जारी होना एक अच्छी शुरुआत है। इससे कोई भी योग्य व्यक्ति पद के लिए आवेदन कर सकेगा। यूजीसी के सभी नियम कुलपति चयन में लागू होने चाहिए।
विज्ञापन
- प्रो. एसके द्विवेदी,
कार्य परिषद सदस्य, लविवि
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‘अमर उजाला’ ने उठाया था कुलपतियों की नियुक्ति में यूजीसी के नियमों का पालन न होने का मुद्दा
लखनऊ विश्वविद्यालय के नए कुलपति के चयन के लिए पहली बार विज्ञापन जारी कर दिया गया है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 21 अक्तूबर तय की गई है। अभी तक कुलपति के चयन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों का पालन नहीं हो रहा था। कुलपति का चयन बिना आवेदन मांगे ही होते थे। ‘अमर उजाला’ द्वारा 16 सितंबर को ‘कुलपति के चयन में यूजीसी के नियम दरकिनार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित करके यह मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद राजभवन ने कुलपति के चयन में यूजीसी के मानकों का पालन करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को पत्र भी भेजा है।
लविवि समेत प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में अभी तक विज्ञापन जारी करने की परंपरा नहीं थी। अभी तक कुलपति का चयन करने के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया जाता है। यह सर्च कमेटी कम से कम तीन और अधिकतम पांच नाम राज्यपाल के पास भेजती है। इन्हीं में से कुलपति का चयन किया जाता है। वहीं यूजीसी के नियम कहते हैं कि कुलपति बनने के लिए अच्छे शिक्षाविद् को प्रोफेसर पद पर कम से कम 10 साल का अनुभव होने के साथ ही इसका पब्लिक नोटिफिकेशन होना अनिवार्य है। राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति के चयन में इन दोनों नियमों की अनदेखी की जाती थी। राजभवन ने कुलपति पद का विज्ञापन जारी जारी करके इस दिशा में सकारात्मक शुरुआत की है। हालांकि अन्य प्रावधानों पर उच्च शिक्षा विभाग को फैसला करना है।
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अच्छी शुरुआत है
कुलपति पद का विज्ञापन जारी होना एक अच्छी शुरुआत है। इससे कोई भी योग्य व्यक्ति पद के लिए आवेदन कर सकेगा। यूजीसी के सभी नियम कुलपति चयन में लागू होने चाहिए।
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- प्रो. एसके द्विवेदी,
कार्य परिषद सदस्य, लविवि