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दिसंबर तक पूरा होगा इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड प्रोजेक्ट का पहला चरण, जमीन अधिग्रहण के लिए 33 करोड़ का बजट जारी
Mon, 24 Aug 2020 12:09 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 24 Aug 2020 12:09 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
नेपाल के साथ हालिया तनाव और चीन के साथ उसकी बढ़ रही दोस्ती के मद्देनजर इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड प्रोजेक्ट को दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए 33 करोड़ का बजट भी जारी कर दिया है। यूपी के सात जिले पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज भारत-नेपाल सीमा पर स्थित हैं।
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गृह मंत्रालय ने 600 किमी लंबी इस सीमा पर सड़क बनाने के लिए 2010 में ही सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। पहले चरण में 233.10 किमी लंबी सड़क ली गई थी, जिसे कुल 12 पैकेज में बनाया जाना है। प्रदेश सरकार ने इनका निर्माण दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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इसमें से 169 किमी लंबी सड़क का निर्माण कर लिया गया है। बचे हुए हिस्से महराजगंज में खैराघाट से झुलनीपुर पतलोवा मार्ग के लिए जमीन लेने को 33 करोड़ दिए गए हैं। दूसरे चरण का काम भी जल्द शुरू करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि पर्यावरणीय क्लीयरेंस लेने के लिए ठीक से पैरवी की जाए।
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सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात में भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ाने की आवश्यकता है। सीमा सशस्त्र बल यह काम और अच्छे से तभी कर पाएगा, जब उसकी सभी पोस्ट सड़क मार्ग से जुड़ी हों। यही कारण है कि भारत-नेपाल सीमा पर 5.50 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जा रही है।