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स्कूल का पहला दिन: बारिश के साथ फूलों से भी हुआ बच्चों का स्वागत, खाने को मिली खीर-पूड़ी
Mon, 03 Jul 2023 08:25 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 03 Jul 2023 08:25 PM IST
सार
गर्मी की छुट्टियों के बाद 3 जुलाई को प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूल खुल गए। बारिश की वजह से छात्र संख्या कम रही। स्कूलों में बच्चों का स्वागत फूल-माला से किया गया।
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School children
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पूरे 42 दिन के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार से परिषदीय विद्यालयों की रौनक एक बार फिर से लौट आई। पहले दिन बारिश के साथ ही विद्यालय में फूल-माला और रोली-टीका के साथ बच्चों का स्वागत हुआ। पढ़ने के लिए नई किताबें मिलीं तो खाने के लिए खीर-पूड़ी और कई जगह मिठाई तक का इंतजाम भी हुआ। पहला दिन था, इसलिए बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही है। उपस्थिति कम रहने में बारिश, रास्तों और स्कूल परिसर में भरा बरसात का पानी भी बड़ी वजह रही।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने स्कूल खुलने के पहले दिन बच्चों का स्वागत करने का निर्देश दिया था। इसका असर ज्यादातर विद्यालयों पर दिखाई दिया, लेकिन काफी जगह इसका पालन नहीं हुआ। नरही और जियामऊ समेत कई स्कूलों में बच्चों के स्वागत के निर्देश का पालन नहीं हुआ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी माना कि बारिश की वजह से ऐसा करना संभव नहीं हो सका। एडी बेसिक श्याम किशोर तिवारी भी पहले विद्यालयों का हालचाल लेने निकले। अहिरान ढकवा प्राइमरी विद्यालय पहुंचकर उन्होंने बच्चों से बातचीत की तथा शिक्षकों को बेहतर काम करने के लिए प्रेरित किया।
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स्कूल खुले तो लग गया जाम
राजधानी के हजरतगंज स्थित दो बड़े स्कूल भी सोमवार से खुल गए। सेंट फ्रांसिस और कैथेड्रल स्कूल खुलने की वजह से इस क्षेत्र में जाम की स्थिति बन गई। सुबह के समय भीगते हुए लोग अपने बच्चों को छोड़ने पहुंचे तो दोपहर को सड़क पर वाहन खड़े होने की वजह से जाम लग गया। इस दौरान कुछ छोटे बच्चे रोते हुए तो स्कूल पहुंचे तो वहीं काफी बच्चे अपने दोस्तों से मिलकर चहक उठे।
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काकोरीः कम उपस्थिति और ज्यादा जलभराव
सरकारी स्कूलो में पहले दिन बच्चो की उपस्थिति कम रही। बारिश की वजह से जल भराव की भी समस्या बनी रही। प्राथमिक विद्यालय गुरुदीन खेड़ा बदहाल है। यहां विद्यालय के चारो तरफ पानी भरा है। जाने वाला सम्पर्क मार्ग भी बदहाल है। इंचार्ज विकार फातिमा बताती है कि पंजीकृत 51 में से मात्र 25 ब्च्चे आये है।
नरौना प्राथमिक विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम ) के परिसर में भी जलभराव की समस्या रही। विद्यालय से सटी नालियां गंदगी व कीचड़ बज बजा रही है। इंचार्ज सुधा गुप्ता ने बताया कि पंजीकृत 132 में से 34 बच्चे आये है। थमिक विद्यालय मुबारक पुर में पंजीकृत 58 में से 20 बच्चे उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय टाउन एरिया में पंजीकृत 129 में से 40 बच्चे आये। कम्पोजिट विद्यालय मुजफ्फरनगर में पंजीकृत 167 में से मात्र 25 बच्चे ही पहले दिन आये।
नगरामः बारिश के बाद जलभराव ने कठिन की राह
ग्रीष्मअवकाश के बाद सोमवार को स्कूल पहुंचने की राह में बारिश और जलभराव ने काफी समस्या पैदा की। नगराम क्षेत्र में विकासखंड गोसाईगंज के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय शिरोना के परिसर में जलभराव की वजह से शिक्षक भी नहीं पहुंच सके। बंद पड़ी नालियों की सफाई करवाने पर जलभराव समाप्त हुआ। यहां 77 में से सापेक्ष 40 बच्चे स्कूल पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय विशुन खेड़ा में कुल नामांकन 35 के सापेक्ष 21 बच्चे, प्राथमिक विद्यालय हसवा में कुल नामांकन 38 के सापेक्ष 25 बच्चे, कम्पोजिट विद्यालय अनैया खरगापुर में कुल नामांकन 422 के सापेक्ष 37 बच्चे ही विद्यालय पहुंचे। यही स्थिति लगभग सभी परिषदीय विद्यालयों में देखने को मिली। बच्चों के स्कूल पहुंचने पर शिक्षकों द्वारा रोली चंदन लगाकर उनका स्वागत किया गया।