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पेंट फैक्ट्री के तेल गोदाम में भीषण आग, दहला इलाका
Sun, 31 Mar 2019 02:00 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Sun, 31 Mar 2019 02:00 AM IST
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फैक्टरी में आग
- फोटो : अमर उजाला
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बाजारखाला थाने के ऐशबाग औद्योगिक क्षेत्र में पेंट फैक्टरी के तेल गोदाम में गर्डर में वेल्डिंग के दौरान शनिवार सुबह आग लगने से इलाका दहल गया। काला धुआं देख इलाके के लोगों ने अग्निशमन विभाग को फोन किया। दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन पांच गाड़ियों से ही डेढ़ घंटे में आग बुझा ली गई।
अग्निकांड में लाखों रुपये का सामान स्वाहा हुआ है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि ऐशबाग औद्योगिक क्षेत्र स्थित मनाली पिगमेंट प्राइवेट लिमिटेड नामक पेंट फैक्टरी में आग की सूचना पर चौक, आलमबाग व हजरतगंज फायर स्टेशन से आठ गाड़ियों को रवाना करने के साथ खुद मौके पर पहुंचे।
फैक्टरी मालिक मनमोहन अग्रवाल व उनके बेटे मानस अग्रवाल ने फैक्ट्री परिसर स्थित तेल गोदाम में अज्ञात कारणों से आग लगने की जानकारी दी। आसमान छूता काला धुआं देखकर फैक्ट्री के पीछे मोहल्ला गढ़ी कनौरा में अफरातफरी मची थी।
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फैक्टरी से सटी इमारत में टायर व अन्य वस्तुओं के गोदाम के मालिक मुदित अग्रवाल और उनके कर्मचारी अपनी इमारत तक आग पहुंचने की आशंका से परेशान थे। दमकल की दो गाड़ियों को आग बुझाने में लगाया गया, जबकि तीन गाड़ियों से आई टीम को आसपास की इमारतों को बचाने के आदेश दिए गए।
पानी से भरी तीन गाड़ियां फैक्टरी के बाहर खड़ी की गईं। पांच गाड़ियों की मदद से आग बुझाने में डेढ़ घंटा लगा। इस दौरान गोदाम में रखा तेल व अन्य सामान जल गया। गोदाम की छत भी ध्वस्त हुई। क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है।
काले धुएं से फैली दहशत
व्यवसायी मुदित अग्रवाल ने बताया कि वह अपने कार्यालय के बाहर खड़े कर्मचारियों से बातचीत कर रहे थे। इस बीच आसमान छूता काला धुआं देखा। थोड़ी देर बाद पेंट फैक्टरी से लोग शोर मचाते हुए भागने लगे। पेंट फैक्टरी के पीछे स्थित मोहल्ला गढ़ी कनौरा के लोगों ने काला धुआं देखकर शोर मचाया। छत पर जाकर देखा तो पेंट फैक्टरी में लपटें उठते नजर आईं।
दस साल से बंद फैक्टरी में धधक रही थी भट्ठियां
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि फैक्टरी दस साल से बंद पड़ी है। दमकल दस्ता भीतर पहुंचा तो खुलासा हुआ कि फैक्टरी में भट्ठियां धधक रही थीं और पेंट बनाने का काम जारी था। छानबीन में पता चला कि रंग व पेंट बनाने के साथ भट्ठियां धधक रही थीं। बालचंद नामक श्रमिक द्वारा गैस कटर से गर्डर जोड़ा जा रहा था। इस दौरान चिंगारी से आग भड़क थी। अग्निकांड की वजह, क्षति व फैक्टरी में अग्निशमन उपकरणों को लेकर छानबीन शुरू की गई है।
पेंट के केन व केमिकल के ड्रम फटे
आग भड़कने के साथ पेंट के केन व केमिकल के ड्रम धमाकों के साथ फटने लगे। आसपास के लोग घबरा गए। फैक्टरी में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और आग बुझाने के लिए पानी नहीं था। बोरियों में लाल, गुलाबी व भगवा रंग भरा था। फैक्टरी से दमकल दस्ता निकलते ही मालिक के आदेश पर कर्मचारियों ने मुख्यद्वार बंद कर लिया। सुरक्षा संबंधी सवाल होते देख फैक्टरी मालिक पिता-पुत्र भी चलते बने।
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अग्निकांड में लाखों रुपये का सामान स्वाहा हुआ है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि ऐशबाग औद्योगिक क्षेत्र स्थित मनाली पिगमेंट प्राइवेट लिमिटेड नामक पेंट फैक्टरी में आग की सूचना पर चौक, आलमबाग व हजरतगंज फायर स्टेशन से आठ गाड़ियों को रवाना करने के साथ खुद मौके पर पहुंचे।
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फैक्टरी मालिक मनमोहन अग्रवाल व उनके बेटे मानस अग्रवाल ने फैक्ट्री परिसर स्थित तेल गोदाम में अज्ञात कारणों से आग लगने की जानकारी दी। आसमान छूता काला धुआं देखकर फैक्ट्री के पीछे मोहल्ला गढ़ी कनौरा में अफरातफरी मची थी।
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फैक्टरी से सटी इमारत में टायर व अन्य वस्तुओं के गोदाम के मालिक मुदित अग्रवाल और उनके कर्मचारी अपनी इमारत तक आग पहुंचने की आशंका से परेशान थे। दमकल की दो गाड़ियों को आग बुझाने में लगाया गया, जबकि तीन गाड़ियों से आई टीम को आसपास की इमारतों को बचाने के आदेश दिए गए।
पानी से भरी तीन गाड़ियां फैक्टरी के बाहर खड़ी की गईं। पांच गाड़ियों की मदद से आग बुझाने में डेढ़ घंटा लगा। इस दौरान गोदाम में रखा तेल व अन्य सामान जल गया। गोदाम की छत भी ध्वस्त हुई। क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है।
काले धुएं से फैली दहशत
व्यवसायी मुदित अग्रवाल ने बताया कि वह अपने कार्यालय के बाहर खड़े कर्मचारियों से बातचीत कर रहे थे। इस बीच आसमान छूता काला धुआं देखा। थोड़ी देर बाद पेंट फैक्टरी से लोग शोर मचाते हुए भागने लगे। पेंट फैक्टरी के पीछे स्थित मोहल्ला गढ़ी कनौरा के लोगों ने काला धुआं देखकर शोर मचाया। छत पर जाकर देखा तो पेंट फैक्टरी में लपटें उठते नजर आईं।
दस साल से बंद फैक्टरी में धधक रही थी भट्ठियां
मुख्य अग्निशमन अधिकारी के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि फैक्टरी दस साल से बंद पड़ी है। दमकल दस्ता भीतर पहुंचा तो खुलासा हुआ कि फैक्टरी में भट्ठियां धधक रही थीं और पेंट बनाने का काम जारी था। छानबीन में पता चला कि रंग व पेंट बनाने के साथ भट्ठियां धधक रही थीं। बालचंद नामक श्रमिक द्वारा गैस कटर से गर्डर जोड़ा जा रहा था। इस दौरान चिंगारी से आग भड़क थी। अग्निकांड की वजह, क्षति व फैक्टरी में अग्निशमन उपकरणों को लेकर छानबीन शुरू की गई है।
पेंट के केन व केमिकल के ड्रम फटे
आग भड़कने के साथ पेंट के केन व केमिकल के ड्रम धमाकों के साथ फटने लगे। आसपास के लोग घबरा गए। फैक्टरी में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और आग बुझाने के लिए पानी नहीं था। बोरियों में लाल, गुलाबी व भगवा रंग भरा था। फैक्टरी से दमकल दस्ता निकलते ही मालिक के आदेश पर कर्मचारियों ने मुख्यद्वार बंद कर लिया। सुरक्षा संबंधी सवाल होते देख फैक्टरी मालिक पिता-पुत्र भी चलते बने।