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आग में फंसी 40 जिंदगी: दरवाजे पर उठ रही थीं लपटें... समझ न आया क्या करें, लेकिन हौसले से लिया काम; ऐसे बची जान
Tue, 21 Nov 2023 10:27 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 21 Nov 2023 10:27 AM IST
सार
लखनऊ के नवल किशोर रोड स्थित सत्या बिजनेस पार्क बिल्डिंग की पहली मंजिल पर सोमवार शाम शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इससे फाइनेंस और रियल एस्टेट कंपनी का दफ्तर राख हो गया। इस दौरान भीतर फंसे करीब 40 कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। ये लोग खुद खिड़की के शीशे तोड़कर छज्जे पर आए और फिर स्थानीय लोगों ने सीढ़ियां लगाकर इन्हें उतारा।
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लखनऊ में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आग लगते ही आधे फ्लोर पर फैल गई। धुआं पूरी बिल्डिंग में था। जहां से बाहर निकलने का रास्ता था वहीं पर लपटें उठ रही थीं। ये देख भीतर फंसे लोग छटपटाने लगे। इधर-उधर भागकर किसी तरह से बाहर निकलने की जद्दोजहद करने लगे। सभी ने हिम्मत और हौसले के साथ सूझबूझ दिखा खुद ही खिड़की के शीशे तोड़े, जिसकी मदद से बाहर निकले।
अगर शीशे न तोड़ते तो बड़ा हादसा हो सकता था। दमकलकर्मियों के पहुंचने पर बाकी लोग भी बाहर निकाल लिए गए। आग शाम करीब छह बजे लगी। तब वहां सभी दफ्तर कर्मचारियों से भरे थे। सीएफओ मंगेश कुमार ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी। शुरुआत में कुछ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे।
चूंकि वहां पर कागज, फर्नीचर आदि अधिक था, इसलिए आग फैलने में देरी नहीं लगी। वहां से निकलने का एक ही रास्ता था, जो आग की वजह से ब्लॉक हो गया था। इसलिए भीतर फंसे लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि वक्त रहते सभी बाहर आ गए। उधर बीच में लिफ्ट फंसी मिली, हालांकि उसमें कोई नहीं था। जानकारी होने पर जिलाधिकारी व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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एक ने लगाई छलांग, लोगों ने रोका
जब शीशे तोड़कर लोग बाहर छज्जे पर आ रहे थे तो इसी दौरान नितिन ने छलांग लगा दी थी, जिससे वह चोटिल हो गया था। उसको कूदता देख स्थानीय लोगों ने अन्य को कूदने से रोका। आनन-फानन में सीढ़ी लाई गई। पहले लोग छज्जे पर चलकर बिल्डिंग की दूसरी तरफ गए और फिर सीढ़ी के सहारे नीचे उतरे। फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले अनुभव पहले खुद निकले। बाद में उनको पता चला कि कई साथी कर्मचारी फंसे हैं तो उनको भी बाहर निकाले में मदद की।
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अगर शीशे न तोड़ते तो बड़ा हादसा हो सकता था। दमकलकर्मियों के पहुंचने पर बाकी लोग भी बाहर निकाल लिए गए। आग शाम करीब छह बजे लगी। तब वहां सभी दफ्तर कर्मचारियों से भरे थे। सीएफओ मंगेश कुमार ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी। शुरुआत में कुछ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे।
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चूंकि वहां पर कागज, फर्नीचर आदि अधिक था, इसलिए आग फैलने में देरी नहीं लगी। वहां से निकलने का एक ही रास्ता था, जो आग की वजह से ब्लॉक हो गया था। इसलिए भीतर फंसे लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि वक्त रहते सभी बाहर आ गए। उधर बीच में लिफ्ट फंसी मिली, हालांकि उसमें कोई नहीं था। जानकारी होने पर जिलाधिकारी व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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एक ने लगाई छलांग, लोगों ने रोका
जब शीशे तोड़कर लोग बाहर छज्जे पर आ रहे थे तो इसी दौरान नितिन ने छलांग लगा दी थी, जिससे वह चोटिल हो गया था। उसको कूदता देख स्थानीय लोगों ने अन्य को कूदने से रोका। आनन-फानन में सीढ़ी लाई गई। पहले लोग छज्जे पर चलकर बिल्डिंग की दूसरी तरफ गए और फिर सीढ़ी के सहारे नीचे उतरे। फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले अनुभव पहले खुद निकले। बाद में उनको पता चला कि कई साथी कर्मचारी फंसे हैं तो उनको भी बाहर निकाले में मदद की।
चीख-पुकार से सहम गए लोग
बिल्डिंग में सामने की ओर शीशे लगे हुए थे, जिससे उसके भीतर का स्पष्ट दिखाई दे रहा था। भीतर फंसा हर शख्स बिलख रहा था। शीशे तोड़ने के साथ-साथ वह सभी चीख-चिल्ला रहे थे। इससे आसपास के लोग भी दहशत में आ गए।
बिल्डिंग में सामने की ओर शीशे लगे हुए थे, जिससे उसके भीतर का स्पष्ट दिखाई दे रहा था। भीतर फंसा हर शख्स बिलख रहा था। शीशे तोड़ने के साथ-साथ वह सभी चीख-चिल्ला रहे थे। इससे आसपास के लोग भी दहशत में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत
दम घुटने लगा...समझ नहीं आया क्या करें...लगा जान चली जाएगी
भीतर फंसने वाले लोग दहशत में थे। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद दम घुटने लगा। बाहर जाने का रास्ता न दिखा। कुछ देर तक ऐसा लगा कि जान चली जाएगी। पर, गनीमत रही कि हम लोग बच गए।
दम घुटने लगा...समझ नहीं आया क्या करें...लगा जान चली जाएगी
भीतर फंसने वाले लोग दहशत में थे। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद दम घुटने लगा। बाहर जाने का रास्ता न दिखा। कुछ देर तक ऐसा लगा कि जान चली जाएगी। पर, गनीमत रही कि हम लोग बच गए।
- कर्मचारी आशीष वर्मा ने बताया कि उनका ऑफिस दूसरी मंजिल पर है। वह काम कर रहे थे। अचानक से उनके ऑफिस के भीतर धुआं भरने लगा। ये देख वहां भगदड़ मच गई। कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। तब शीशे तोड़कर किसी तरह से बाहर आ पाए। सभी ने एक दूसरे का साथ दिया।
- उत्कर्ष ने बताया कि वह पहली मंजिल पर थे। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि सीढि़यों तक पहुंचना नामुमकिन था। इसलिए वहां मौजूद सभी लोग इधर-उधर भागने लगे। तभी शीशे पर नजर पड़ी तो उसको तोड़ना शुरू किया। खुद के प्रयास से ही जान बच सकी।
- फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी अनुभव रस्तोगी ने बताया कि जब वह छज्जे पर पहुंचे तो कूदने का मन बनाया, लेकिन लोगों ने सीढ़ी उपलब्ध करवा दी थी। इससे वह आसानी से उतरकर नीचे आ गए। भीतर के हालात बहुत भयावह थे।
आग में 40 फंसे, खिड़की के शीशे तोड़ निकले
आपको बता दें कि नवल किशोर रोड स्थित सत्या बिजनेस पार्क बिल्डिंग की पहली मंजिल पर सोमवार शाम शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इससे फाइनेंस और रियल एस्टेट कंपनी का दफ्तर राख हो गया। इस दौरान भीतर फंसे करीब 40 कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। ये लोग खुद खिड़की के शीशे तोड़कर छज्जे पर आए और फिर स्थानीय लोगों ने सीढ़ियां लगाकर इन्हें उतारा।
आपको बता दें कि नवल किशोर रोड स्थित सत्या बिजनेस पार्क बिल्डिंग की पहली मंजिल पर सोमवार शाम शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इससे फाइनेंस और रियल एस्टेट कंपनी का दफ्तर राख हो गया। इस दौरान भीतर फंसे करीब 40 कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। ये लोग खुद खिड़की के शीशे तोड़कर छज्जे पर आए और फिर स्थानीय लोगों ने सीढ़ियां लगाकर इन्हें उतारा।
इस दौरान तीन लोग बेसुध हो गए, जबकि तीन चोटिल हो गए। दमकलकर्मी करीब एक घंटे में आग पर पूरी तरह से काबू पा सके। बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर केनरा बैंक का दफ्तर है। पहली मंजिल पर पूनावाला हाउसिंग लोन कंपनी व रुद्रा प्रॉपर्टी का दफ्तर है। पुलिस के मुताबिक शाम करीब छह बजे हाउसिंग लोन के दफ्तर में आग लग गई। जब तक कर्मचारी कुछ समझ पाते, आग फैल गई।
इससे सटे रुद्रा प्रॉपर्टी का दफ्तर भी जलने लगा तो भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और दमकल को सूचना दी। इसके बाद भीतर फंसे लोग खिड़की के शीशे तोड़ छज्जे पर आए और फिर सटी बिल्डिंग के छज्जे पर गए। यहां से लोगों ने सीढ़ियां लगाकर इन्हें उतार लिया। सीएफओ मंगेश कुमार ने बताया कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। पांच गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया।
भगदड़ के बीच बिल्डिंग में भर गया धुआं
एक तरफ बिल्डिंग जल रही थी तो दूसरी ओर अंदर भगदड़ मची थी। मिनटों में बिल्डिंग में धुआं भर गया। आग लगने के डर और दमघोंटू धुएं से सीता, सौरभ और हरीश बेहोश हो गए। साथी कर्मचारियों ने किसी तरह इन्हें निकाला। हालांकि, तब तक दमकल की टीम पहुंच गई थी। फिर हाइड्रोलिक मशीन की मदद से लोगों को बाहर निकालने में आसानी हुई। उधर, बाहर निकलते वक्त फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी नितिन पाल, आशीष व संजीव मामूली रूप से चोटिल हो गए। बिल्डिंग के बाहर सर्वेश नाम का शख्स खड़ा था। पास में उसकी बाइक थी। ऊपर से जलता सामान उसकी बाइक पर गिरा। सर्वेश तो बच गया, लेकिन उसकी बाइक जलकर राख हो गई।
एक तरफ बिल्डिंग जल रही थी तो दूसरी ओर अंदर भगदड़ मची थी। मिनटों में बिल्डिंग में धुआं भर गया। आग लगने के डर और दमघोंटू धुएं से सीता, सौरभ और हरीश बेहोश हो गए। साथी कर्मचारियों ने किसी तरह इन्हें निकाला। हालांकि, तब तक दमकल की टीम पहुंच गई थी। फिर हाइड्रोलिक मशीन की मदद से लोगों को बाहर निकालने में आसानी हुई। उधर, बाहर निकलते वक्त फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी नितिन पाल, आशीष व संजीव मामूली रूप से चोटिल हो गए। बिल्डिंग के बाहर सर्वेश नाम का शख्स खड़ा था। पास में उसकी बाइक थी। ऊपर से जलता सामान उसकी बाइक पर गिरा। सर्वेश तो बच गया, लेकिन उसकी बाइक जलकर राख हो गई।
बिल्डिंग के मालिक को जारी किया जाएगा नोटिस
सीएफओ ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। पड़ताल की जा रही है। बिल्डिंग से निकलने का दूसरा रास्ता नहीं है। बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी किया जा रहा है। एफओसी मांगने पर वह एनओसी उपलब्ध नहीं करवा सके। अब दमकल विभाग अपने स्तर से जांच कर कार्रवाई करेगा।
सीएफओ ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। पड़ताल की जा रही है। बिल्डिंग से निकलने का दूसरा रास्ता नहीं है। बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी किया जा रहा है। एफओसी मांगने पर वह एनओसी उपलब्ध नहीं करवा सके। अब दमकल विभाग अपने स्तर से जांच कर कार्रवाई करेगा।