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Lucknow News: हादसे की चौखट पर शहर के सैकड़ों कोचिंग संस्थान

Mon, 22 Jun 2026 09:41 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 09:41 PM IST
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fire accident in lucknow
राजधानी में 2500 से ज्यादा कोचिंग संस्थान, अधिकतर में प्रवेश और निकास के लिए एक ही द्वार
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- पिछले पांच वर्ष में पांच बड़े हादसों से भी नहीं लिया गया सबक


अभिषेक सहज

लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र में संचालित एक एनिमेशन कोचिंग सेंटर में सोमवार को लगी भीषण आग ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था की एक बार फिर से पोल खोल दी है। इससे पहले भी कोचिंग संस्थानों में आग की घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन उससे भी सबक नहीं लिया गया। राजधानी में 2500 से ज्यादा पंजीकृत कोचिंग संस्थान हैं लेकिन अधिकतर में प्रवेश और निकास के लिए एक ही द्वार का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम तक नहीं किए जाते। अलीगंज की घटना ने व्यवस्था पर कई सवालिया निशान लगा दिए हैं।


घटना के बाद इस बात को लेकर एक बार फिर से बहस तेज हो गई है कि लाखों छात्रों को शिक्षित करने वाले कोचिंग संस्थान अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर आखिर गंभीर क्यों नहीं हैं और जिम्मेदार विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। राजधानी में कोचिंग का कारोबार शहर के अलग अलग इलाकों में तेजी से बढ़ा है। हजरतगंज से लेकर अलीगंज, कपूरथला, इंदिरानगर, गोमतीनगर, महानगर, जानकीपुरम और आलमबाग जैसे इलाकों में सैकड़ों कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में चल रही है। जानकारों का मानना है कि संकरी सीढ़ियां, एकल निकास मार्ग, बेसमेंट का उपयोग और अग्निशमन उपकरणों का नियमित परीक्षण न होना किसी भी आपदा को बड़े हादसे में बदल सकता है।
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ऑडिट में सुरक्षा मानकों पर फेल हो गए थे 17 बड़े कोचिंग संस्थान

 फायर विभाग के निरीक्षणों में बीते वर्षों में लगातार खामियां सामने आती रही हैं। फरवरी 2025 में चलाए गए विशेष अभियान में शहर के 17 कोचिंग संस्थानों में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं पाए गए थे। इनमें कई संस्थान बिना पर्याप्त वेंटिलेशन के संचालित हो रहे थे, जबकि कुछ बेसमेंट में चल रहे थे। फायर विभाग ने संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति भी की थी। संस्थानों को फायर एनओसी, आपात निकास, अग्निशमन यंत्र, अलार्म सिस्टम और नियमित सुरक्षा ऑडिट जैसे मानकों का पालन करना अनिवार्य है। लेकिन इसका अनुपालन बहुत कम हो पा रहा है।
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वर्ष 2022 में तीन बार हुए हादसे, नहीं लिया सबक

- सितंबर 2022 में हजरतगंज इलाके में एक कोचिंग संस्थान में उस समय आग लग गई थी जब विद्यार्थी अपनी कक्षाओं में पढ़ रहे थे। उस समय कोई हताहत तो नहीं हुआ था लेकिन जांच में पाया गया था कि कोचिंग संस्थान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताकर कोचिंग को सील कर दिया गया था। इस घटना के बाद अभियान चलाकर ऐसे कोचिंग संस्थानों पर शिकंजा कसने की बात की गई थी लेकिन थोड़े दिन बाद फिर सब कुछ ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके एक दिन बाद ही शाहनजफ रोड पर भी एक सात मंजिला इमारत में आग लग गई थी, जहां चार कोचिंग संस्थान चल रहे थे। यहां भी शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी और पूरी इमारत में अफरातफरी के बाद छात्र बाहर भागकर आए थे। नवंबर 2022 में हजरतगंज स्थित प्रिंस कॉम्प्लेक्स में आग लगने की घटना हुई थी। इस परिसर में कई कोचिंग संस्थान और दुकानें थीं। आग लगने के बाद धुआं भरने से लोगों में दहशत फैल गई थी, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी। 




2023 में एक जगह आग, दूसरी जगह लिफ्ट में फंस गए थे बच्चे


जून 2023 में महानगर इलाके में बादशाहनगर मेट्रो स्टेशन के पास एक तीन मंजिला इमारत में आग लग गई थी। इस भवन में कोचिंग संस्थान, कार्यालय और दुकानें संचालित थीं। करीब 24 छात्र बाल-बाल बच गए थे। आग के बाद कोचिंग परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल उठे थे।  जून 2023 में हजरतगंज के न्यू जनपथ कॉम्प्लेक्स में एक कोचिंग संस्थान के 12 छात्र लिफ्ट में फंस गए थे। फायर विभाग और पुलिस ने छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला था।














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