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Lucknow News: 25 साल का हुआ लविवि का ज्योतिर्विज्ञान विभाग

Tue, 13 Oct 2026 03:10 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 03:10 AM IST
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Lucknow University's Department of Astrology turns 25
लखनऊ विवि के ज्योर्तिविज्ञान विभाग के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित संगोष्ठी में कुलपति को किया ग
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिर्विज्ञान विभाग की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर सोमवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वराहमिहिर सभागार में ‘ज्योतिर्विज्ञान की मूलकता और वैज्ञानिकतत्व’ विषय पर विद्वानों और शोधार्थियों ने विचार रखे। इस दौरान विभाग की 25 वर्षों की यात्रा के साथ ज्योतिर्विज्ञान और वास्तुशास्त्र के अध्ययन व शोध पर चर्चा हुई।
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कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि प्राचीन भारतीय आचार्यों की काल गणना अत्यंत उन्नत और सटीक थी। भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े इस शास्त्र का इस्तेमाल जनकल्याण के लिए होना चाहिए। उन्होंने युवा शोधार्थियों को प्रोत्साहित किया। समन्वयक डॉ. श्यामलेश कुमारी तिवारी ने बताया कि ज्योतिर्विज्ञान विभाग की स्थापना 18 अक्तूबर 2001 को हुई थी। शुरुआत में स्नातक की 20 और परास्नातक की 15 सीटें थीं। वर्ष 2003 में पीएचडी पाठ्यक्रम शुरू हुआ। अभी स्नातक में 30 और परास्नातक में 45 सीटें हैं।
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वर्ष 2026 से एमए वास्तुशास्त्र का नया पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। विशिष्ट अतिथि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र, कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अरविंद मोहन और डॉ. अनिल कुमार पोरवाल मौजूद रहे। संगोष्ठी में करीब 150 विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने ज्योतिषशास्त्र के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पक्षों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए।
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