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आत्महत्या की चेतावनी देने पर पुलिस ने दर्ज किया ठगी का केस
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प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आत्महत्या की चेतावनी देने पर दर्ज की ठगी की रिपोर्ट
गोमतीनगर थाने में गोंडा निवासी कौशल कुमार शुक्ल ने शातिर कृष्णानंद पांडेय और उसके भाई संपूर्णानंद पांडेय पर नौकरी का झांसा देकर 4.15 लाख रुपये ठगने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कौशल का कहना है कि ठगों ने उससे रुपया लेकर ट्रेनिंग कराई और फर्जी नियुक्तिपत्र थमा दिया। नियुक्तिपत्र लेकर वह संबंधित संस्थान के कार्यालय पहुंचा तब असलियत का खुलासा हुआ।
पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर पीड़ित ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आत्महत्या की चेतावनी दी।
इसके बाद गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट लिखी गई। इंस्पेक्टर अमित कुमार दुबे ने बताया कि आरोपी कृष्णानंद और संपूर्णानंद के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।
दोनों को गिरफ्तार करके जेल भी भेजा जा चुका है। पीड़ित कौशल कुमार की तरफ से मिली शिकायत की जांच की जा रही है।
कौशल गोंडा के मोतीगंज स्थित मलारी के एकमा गांव का है। वह रोजगार की तलाश कर रहा था तभी गांव के ही रामआशीष वर्मा ने लखनऊ की नौकरी दिलाने वाली एक फर्म में जान-पहचान होने की बात कही।
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उसने कहा कि फर्म कुछ दिन के लिए ट्रेनिंग कराएगी, इसके बाद नियुक्तिपत्र देगी। रामआशीष पर भरोसा करते कौशल लखनऊ आया और नेहरू एन्क्लेव निवासी फर्म संचालक कृष्णानंद पांडेय व संपूर्णानंद पांडेय से मिला।
उसका कहना है कि दोनों को दो लाख रुपये नकद दिए। दोनों ने उसका एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया और पासवर्ड भी ले लिया।
ठगों ने 27 नवंबर 2014 से सात दिसंबर 2014 के बीच 56 हजार रुपये निकाल लिए। 29 नवंबर 2014 को कौशल ने उन्हें 1.60 लाख रुपये अलग से दिए।
कुल 4.15 लाख रुपये लेने के बाद ठगों ने उसे एसबीआई कस्टमर सर्विस में सहायक शाखा प्रबंधक वाराणसी का नियुक्तिपत्र दिया।
30 नवंबर 2014 को विकासनगर में मामा क्रॉसिंग के पास उसकी ट्रेनिंग कराई। नियुक्तिपत्र लेकर कौशल वाराणसी पहुंचा तब असलियत सामने आई।
पीड़ित ने ठगों से रुपया वापस मांगा तो जानमाल की धमकी देते हुए भगा दिया। दो साल बीत गए पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तब कौशल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा।
एक महीने के भीतर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो वह आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद पुलिस ने रविवार को ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया।
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गोमतीनगर थाने में गोंडा निवासी कौशल कुमार शुक्ल ने शातिर कृष्णानंद पांडेय और उसके भाई संपूर्णानंद पांडेय पर नौकरी का झांसा देकर 4.15 लाख रुपये ठगने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कौशल का कहना है कि ठगों ने उससे रुपया लेकर ट्रेनिंग कराई और फर्जी नियुक्तिपत्र थमा दिया। नियुक्तिपत्र लेकर वह संबंधित संस्थान के कार्यालय पहुंचा तब असलियत का खुलासा हुआ।
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पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर पीड़ित ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आत्महत्या की चेतावनी दी।
इसके बाद गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट लिखी गई। इंस्पेक्टर अमित कुमार दुबे ने बताया कि आरोपी कृष्णानंद और संपूर्णानंद के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।
दोनों को गिरफ्तार करके जेल भी भेजा जा चुका है। पीड़ित कौशल कुमार की तरफ से मिली शिकायत की जांच की जा रही है।
कौशल गोंडा के मोतीगंज स्थित मलारी के एकमा गांव का है। वह रोजगार की तलाश कर रहा था तभी गांव के ही रामआशीष वर्मा ने लखनऊ की नौकरी दिलाने वाली एक फर्म में जान-पहचान होने की बात कही।
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उसने कहा कि फर्म कुछ दिन के लिए ट्रेनिंग कराएगी, इसके बाद नियुक्तिपत्र देगी। रामआशीष पर भरोसा करते कौशल लखनऊ आया और नेहरू एन्क्लेव निवासी फर्म संचालक कृष्णानंद पांडेय व संपूर्णानंद पांडेय से मिला।
उसका कहना है कि दोनों को दो लाख रुपये नकद दिए। दोनों ने उसका एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया और पासवर्ड भी ले लिया।
ठगों ने 27 नवंबर 2014 से सात दिसंबर 2014 के बीच 56 हजार रुपये निकाल लिए। 29 नवंबर 2014 को कौशल ने उन्हें 1.60 लाख रुपये अलग से दिए।
कुल 4.15 लाख रुपये लेने के बाद ठगों ने उसे एसबीआई कस्टमर सर्विस में सहायक शाखा प्रबंधक वाराणसी का नियुक्तिपत्र दिया।
30 नवंबर 2014 को विकासनगर में मामा क्रॉसिंग के पास उसकी ट्रेनिंग कराई। नियुक्तिपत्र लेकर कौशल वाराणसी पहुंचा तब असलियत सामने आई।
पीड़ित ने ठगों से रुपया वापस मांगा तो जानमाल की धमकी देते हुए भगा दिया। दो साल बीत गए पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तब कौशल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा।
एक महीने के भीतर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो वह आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद पुलिस ने रविवार को ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया।