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Lucknow News: फ्लैट देने के नाम पर ठगे 37.41 लाख
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लखनऊ। आजमगढ़ के पथकौली निवासी हरविंदर अलघ से रियल एस्टेट कंपनी वन प्लेस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. व वीएमएस बिल्डटेक ने 37.41 लाख रुपये ठग लिए। अलघ ने कंपनी के जरिए दो फ्लैट बुक कराए थे।
छह साल बाद भी फ्लैट नहीं मिले। परेशान अलघ ने बीबीडी थाने में कंपनियों के निदेशक रणविजय सिंह व कुंवर विवेक सिंह पर केस दर्ज कराया है।
अलघ के मुताबिक, उन्होंने और उनके भाई ने अगस्त 2012 में वन प्लेस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी व वीएमएस बिल्डटेक कंपनी के टाउनशिप प्रोजेक्ट सिग्नेचर हाइट्स में दो फ्लैट बुक कराए थे।
अलघ ने बताया कि जनवरी 2013 तक 10.46 लाख रुपये दिए थे। इतनी रकम फंसने के बाद आरोपियों ने एग्रीमेंट कराया। इसके मुताबिक, चार साल में फ्लैट निर्माण कर सौंप देंगे। एग्रीमेंट के मुताबिक तय रकम 31.92 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद कंपनी ने दबाव बनाकर रजिस्ट्री के नाम पर 5.49 लाख रुपये अतिरिक्त वसूले।
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इसके बाद साजिश के तहत कंपनी के मालिकों ने वीएमएस बिल्डटेक के निदेशक कुंवर प्रताप सिंह ने उनकी पत्नी दीपा अलघ और भाई की पत्नी मेघा के नाम पर रजिस्ट्री कर दी। कंपनियों के निदेशक ने आश्वासन दिया कि तीन महीने में फ्लैट तैयार हो जाएगा।
पिछले साल नवंबर तक आरोपियों ने फ्लैट नहीं दिया। जब रुपये वापस मांगे तो धमकी देते हुए भगा दिया। इंस्पेक्टर बीबीडी विनय कुमार सरोज के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
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छह साल बाद भी फ्लैट नहीं मिले। परेशान अलघ ने बीबीडी थाने में कंपनियों के निदेशक रणविजय सिंह व कुंवर विवेक सिंह पर केस दर्ज कराया है।
अलघ के मुताबिक, उन्होंने और उनके भाई ने अगस्त 2012 में वन प्लेस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी व वीएमएस बिल्डटेक कंपनी के टाउनशिप प्रोजेक्ट सिग्नेचर हाइट्स में दो फ्लैट बुक कराए थे।
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अलघ ने बताया कि जनवरी 2013 तक 10.46 लाख रुपये दिए थे। इतनी रकम फंसने के बाद आरोपियों ने एग्रीमेंट कराया। इसके मुताबिक, चार साल में फ्लैट निर्माण कर सौंप देंगे। एग्रीमेंट के मुताबिक तय रकम 31.92 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इसके बाद कंपनी ने दबाव बनाकर रजिस्ट्री के नाम पर 5.49 लाख रुपये अतिरिक्त वसूले।
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इसके बाद साजिश के तहत कंपनी के मालिकों ने वीएमएस बिल्डटेक के निदेशक कुंवर प्रताप सिंह ने उनकी पत्नी दीपा अलघ और भाई की पत्नी मेघा के नाम पर रजिस्ट्री कर दी। कंपनियों के निदेशक ने आश्वासन दिया कि तीन महीने में फ्लैट तैयार हो जाएगा।
पिछले साल नवंबर तक आरोपियों ने फ्लैट नहीं दिया। जब रुपये वापस मांगे तो धमकी देते हुए भगा दिया। इंस्पेक्टर बीबीडी विनय कुमार सरोज के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।