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Lucknow News: वैन चालक पर केस, बेकाबू रहती थी रफ्तार, बगैर मान्यता के चल रहा स्कूल
Sun, 09 Apr 2023 02:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 09 Apr 2023 02:21 AM IST
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हादसे में बच्ची साक्षी मिश्रा का पैर कटने की घटना में वैन चालक पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। अभी वह पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पीड़ित परिजनों का दावा है कि रोजाना चालक वैन को बेकाबू रफ्तार में दौड़ाता था। रफ्तार ही हादसे की वजह बनी, जिसमें उनकी बेटी का पैर कट गया। उधर जांच में सामने आया कि स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहा है।
निगोहां के भटपुरा चौराहे के पास बृहस्पतिवार दोपहर वैन एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई थी। हादसे में वैन में सवार कक्षा तीन की छात्रा साक्षी मिश्रा का दायां पैर कट गया था। परिजनों ने वैन चालक सौरभ पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
हादसे के बाद से वह फरार है। एफआईआर में दावा किया गया है कि इससे पहले भी कई बार छात्रा ने उनको बताया था कि चालक बहुत तेज रफ्तार में वैन चलाता है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से इसकी शिकायत भी की थी। आरोप है कि इसके बावजूद चालक की मनमर्जी व लापरवाही जारी रही। इससे मासूम साक्षी की जिंदगी खराब हो गई।
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अवैध तरीके संचालित हो रहा स्कूल
साक्षी निगोहां के पटसा इलाके में स्थित प्रकाशिनी चिल्ड्रेन एकेडमी में पढ़ाई करती है। ये कक्षा एक से पांच तक है। इसी प्रबंधन का जगदीश प्रसाद मेमोरियल इंटरमीडिएट कॉलेज है। जो कक्षा छह से 12वीं तक है। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रकाशिनी चिल्ड्रेन एकेडमी की मान्यता ही नहीं है। मतलब प्रबंधन अवैध तरीके से संचालित कर रहा है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
स्कूल प्रबंधन का दावा बताया झूठा
स्कूल प्रबंधन का कहना था कि उन्होंने अस्पताल में घायल छात्रा से मुलाकात की। हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसको लेकर छात्रा के परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन झूठ बोल रहा है। अब तक वह खुद बच्ची का इलाज करवा रहे हैं। उनसे कोई भी नहीं मिला। आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन मामला दबाने में जुटा रहा।
दहशत और पीड़ा ने मासूम को खामोश कर दिया...
साक्षी अभी नौ साल की है। पढ़ाई करने के साथ भविष्य के सपने बुन रही थी। उसको अंदाजा भी नहीं था कि पलक झपकते उसका पैर कट जाएगा। हादसे के बाद से वह दहशत और पीड़ा में डूब गई है। सिर्फ उसकी खामोशी दिख रही है। इससे उसका दर्द समझा जा सकता है। परिजन भी स्तब्ध हैं। दुख में हैं। उनका कहना है कि अभी साक्षी की जिंदगी सही से शुरू तक नहीं हुई थी कि खराब हो गई। परिवार वाले खेती किसानी कर घर का खर्च चलाते हैं। इलाज की रकम भी जुटाना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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निगोहां के भटपुरा चौराहे के पास बृहस्पतिवार दोपहर वैन एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई थी। हादसे में वैन में सवार कक्षा तीन की छात्रा साक्षी मिश्रा का दायां पैर कट गया था। परिजनों ने वैन चालक सौरभ पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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हादसे के बाद से वह फरार है। एफआईआर में दावा किया गया है कि इससे पहले भी कई बार छात्रा ने उनको बताया था कि चालक बहुत तेज रफ्तार में वैन चलाता है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से इसकी शिकायत भी की थी। आरोप है कि इसके बावजूद चालक की मनमर्जी व लापरवाही जारी रही। इससे मासूम साक्षी की जिंदगी खराब हो गई।
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अवैध तरीके संचालित हो रहा स्कूल
साक्षी निगोहां के पटसा इलाके में स्थित प्रकाशिनी चिल्ड्रेन एकेडमी में पढ़ाई करती है। ये कक्षा एक से पांच तक है। इसी प्रबंधन का जगदीश प्रसाद मेमोरियल इंटरमीडिएट कॉलेज है। जो कक्षा छह से 12वीं तक है। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रकाशिनी चिल्ड्रेन एकेडमी की मान्यता ही नहीं है। मतलब प्रबंधन अवैध तरीके से संचालित कर रहा है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।
स्कूल प्रबंधन का दावा बताया झूठा
स्कूल प्रबंधन का कहना था कि उन्होंने अस्पताल में घायल छात्रा से मुलाकात की। हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसको लेकर छात्रा के परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन झूठ बोल रहा है। अब तक वह खुद बच्ची का इलाज करवा रहे हैं। उनसे कोई भी नहीं मिला। आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन मामला दबाने में जुटा रहा।
दहशत और पीड़ा ने मासूम को खामोश कर दिया...
साक्षी अभी नौ साल की है। पढ़ाई करने के साथ भविष्य के सपने बुन रही थी। उसको अंदाजा भी नहीं था कि पलक झपकते उसका पैर कट जाएगा। हादसे के बाद से वह दहशत और पीड़ा में डूब गई है। सिर्फ उसकी खामोशी दिख रही है। इससे उसका दर्द समझा जा सकता है। परिजन भी स्तब्ध हैं। दुख में हैं। उनका कहना है कि अभी साक्षी की जिंदगी सही से शुरू तक नहीं हुई थी कि खराब हो गई। परिवार वाले खेती किसानी कर घर का खर्च चलाते हैं। इलाज की रकम भी जुटाना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।