वक्फ प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त करने पर विजय माल्या समेत 130 पर एफआईआर
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इनमें प्रमुख रूप से उद्योगपति विजय माल्या, रामपुर के नवाब काजिम अली व पूर्व वक्फ मंत्री के भाई साहिल इस्लाम शामिल हैं।
हालांकि, शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मिली शिकायत के मुताबिक 300 वक्फ संपत्तियों के मामलों में गड़बड़ी है, जिनकी जांच कराई जानी है। पर, अभी 130 मामलों की ही जांच पूरी हुई है। जांच में पाया गया है कि मुतवल्लियों ने वक्फ की जमीन बेचकर उसकी रजिस्ट्री तक करा ली है।
चेयरमैन वसीम रिजवी ने बताया कि पूर्व वक्फ मंत्री के भाई बरेली के साहिल इस्लाम पर भी करोड़ों की वक्फ जमीन को अवैध रूप से बेचने और उसकी रजिस्ट्री कराने का मामला साबित हुआ है।
विजय माल्या व सैबी मिलर के एमडी सुलभ सेठ और काजिम अली खां उर्फ नावेद अली सहित 127 के खिलाफ भी जमीन बेचने के सुबूत मिले हैं। इन पर आरोप साबित हुए हैं।
धारा 50 के तहत कार्रवाई
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है कि वक्फ संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने वाले 130 मुतवल्लियों व अनधिकृत व्यक्तियों पर धारा 50 के मुताबिक एफआईआर दर्ज कराएं। साथ ही वक्फ संपत्ति को अवैध कब्जे से छुड़ाने व कराई गई रजिस्ट्री रद्द करने को भी कहा गया गई है।
28 वक्फ के मुतवल्लियों को हटाया
बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने बताया कि प्रदेश में 28 वक्फ के मुतवल्लियों को हटा दिया गया है। कार्यकारिणी ने नए मुतवल्ली भी नियुक्त कर दिए हैं।
मुख्य रूप से इलाहाबाद की मस्जिद के अध्यक्ष पद से मुतवल्ली व अन्य सदस्यों की सहमति से अध्यक्ष मौलाना हसन रजा को हटा दिया गया है।
गाजीपुर के वक्फ इमामबाड़ा मोहम्मद पट्टी के मुतवल्ली जावेद को भी हटाया गया है। अन्य 26 मुतवल्लियों को हटा कर नए मुतवल्ली तैनात किए गए हैं।