मायावी राज में दो मंत्रियों ने डकार लिए 14 अरब
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पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के ड्रीम प्रोजेक्ट में उन्हीं के विश्वासपात्र मंत्रियों और अफसरों ने जमकर भ्रष्टाचार किया।
स्मारक निर्माण के कुल व्यय बजट 41,48,54,80,000 रुपये के लगभग 34 प्रतिशत में बंदरबांट की गई। दोनों मंत्रियों नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबूसिंह कुशवाहा के अधीन कार्यरत राजकीय निर्माण निगम, खनन विभाग के अधिकारियों और खास ठेकेदारों ने इस प्रोजेक्ट में करोड़ों की काली कमाई की।
34 फीसदी ज्यादा खर्च किया
स्मारकों के निर्माण के लिए राजकीय निर्माण निगम, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नोएडा अथॉरिटी, लखनऊ विकास प्राधिकरण, संस्कृति तथा सिंचाई विभाग द्वारा कुल 42,76,83,43,000 रुपये जारी किए थे।
इसमें से 41,48,54,80,000 रुपये खर्च किए गए और 1,28,28,59,000 रुपये वापस कर दिए गए।
स्मारकों के निर्माण पर खर्च की गई कुल धनराशि का लगभग 34 फीसदी ज्यादा व्यय करके सरकार को 14,10,50,63,200 रुपये की क्षति पहुंचाई गई।
जानें, कौन-कौन हुए नामजद
राजकीय निर्माण निगम (आरएनएन) के तत्कालीन एमडी सीपी सिंह, खनन के तत्कालीन संयुक्त निदेशक सुहैल अहमद फारुखी, अपर परियोजना प्रबंधक आरएनएन राकेश चंद्रा, अपर परियोजना प्रबंधक आरएनएन एसके सक्सेना, इकाई प्रभारी आरएनएन केआर सिंह, स्थानिक अभियंता राजीव गर्ग, परियोजना प्रबंधक आरएनएन एसपी गुप्ता, परियोजना प्रबंधक आरएनएन पीके जैन, परियोजना प्रबंधक आरएनएन एसके अग्रवाल, परियोजना प्रबंधक आरएनएन आरके सिंह, इकाई प्रभारी आरएनएन बीडी त्रिपाठी, परियोजना प्रबंधक आरएनएन मुकेश कुमार, परियोजना प्रबंधक आरएनएन हीरालाल, परियोजना प्रबंधक आरएनएन एसके चौबे, इकाई प्रभारी आरएनएन एसपी सिंह, इकाई प्रभारी आरएनएन मुरली मनोहर, इकाई प्रभारी आरएनएन एसके शुक्ला के नाम शामिल हैं।