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Lucknow News: एडीजी के हस्ताक्षर कर तबादला आदेश जारी करने वाले बाबू पर एफआईआर
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लखनऊ। एडीजी जोन लखनऊ के फर्जी हस्ताक्षर कर तीन सिपाहियों का तबादला आदेश जारी करने वाले बाबू पर गौतमपल्ली थाने में शुक्रवार रात एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। आरोपी बाबू की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।
तत्कालीन एडीजी जोन लखनऊ पीयूष मोर्डिया के फर्जी हस्ताक्षर कर तीन सिपाहियों का तबादला आदेश जारी किया गया था। इसमें उन्नाव में तैनात सिपाही विजय बहादुर यादव का अंबेडकरनगर, रायबरेली में तैनात संजय कुमार का बाराबंकी व अयोध्या में तैनात हरि मिश्र का तबादला सीतापुर करने संबंधी आदेश जारी किए गए थे। मामला संज्ञान में आने पर वर्तमान एडीजी जोन अमरेंद्र कुमार सेंगर ने जांच कराई। जिसमें पुष्टि हुई कि जारी किए गए तबादला आदेश में एडीजी पीयूष मोर्डिया के हस्ताक्षर फर्जी हैं। मामले में एडीजी जोन कार्यालय में तैनात बाबू विनोद कुमार सिंह की भूमिका उजागर हुई।
जोन दफ्तर में तैनात इंस्पेक्टर विजय कुमार तिवारी की तहरीर पर गौतमपल्ली थाने में विनोद कुमार सिंह के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर इस्तेमाल करने व जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा लेखा का मिथ्याकरण किए जाने की धारा में केस दर्ज किया गया है। जिस धारा में एफआईआर दर्ज हुई है, उसमें सात साल व उससे अधिक की सजा का प्रावधान है, ऐसे में अब विनोद की गिरफ्तारी तय है।
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प्रकरण की विभागीय जांच आईजी रेंज लखनऊ तरुण गाबा को सौंपी गई है। ये भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी कभी इस तरह से कोई और फर्जी आदेश आदि जारी तो नहीं किए हैं। वहीं, मामले में अब विभागीय जांच भी शुरू हुई है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी बाबू को बर्खास्तगी करने की तैयारी है। जांच के बाद बर्खास्तगी हो सकती है।
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तत्कालीन एडीजी जोन लखनऊ पीयूष मोर्डिया के फर्जी हस्ताक्षर कर तीन सिपाहियों का तबादला आदेश जारी किया गया था। इसमें उन्नाव में तैनात सिपाही विजय बहादुर यादव का अंबेडकरनगर, रायबरेली में तैनात संजय कुमार का बाराबंकी व अयोध्या में तैनात हरि मिश्र का तबादला सीतापुर करने संबंधी आदेश जारी किए गए थे। मामला संज्ञान में आने पर वर्तमान एडीजी जोन अमरेंद्र कुमार सेंगर ने जांच कराई। जिसमें पुष्टि हुई कि जारी किए गए तबादला आदेश में एडीजी पीयूष मोर्डिया के हस्ताक्षर फर्जी हैं। मामले में एडीजी जोन कार्यालय में तैनात बाबू विनोद कुमार सिंह की भूमिका उजागर हुई।
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जोन दफ्तर में तैनात इंस्पेक्टर विजय कुमार तिवारी की तहरीर पर गौतमपल्ली थाने में विनोद कुमार सिंह के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर इस्तेमाल करने व जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा लेखा का मिथ्याकरण किए जाने की धारा में केस दर्ज किया गया है। जिस धारा में एफआईआर दर्ज हुई है, उसमें सात साल व उससे अधिक की सजा का प्रावधान है, ऐसे में अब विनोद की गिरफ्तारी तय है।
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प्रकरण की विभागीय जांच आईजी रेंज लखनऊ तरुण गाबा को सौंपी गई है। ये भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी कभी इस तरह से कोई और फर्जी आदेश आदि जारी तो नहीं किए हैं। वहीं, मामले में अब विभागीय जांच भी शुरू हुई है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी बाबू को बर्खास्तगी करने की तैयारी है। जांच के बाद बर्खास्तगी हो सकती है।