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विवाह पंजीकरण में देरी अब पड़ेगी भारी, हर साल चुकाना पड़ेगा बढ़ा हुआ फाइन

Wed, 30 Aug 2017 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 30 Aug 2017 10:21 AM IST
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fine for late marriage registration in Uttar Pradesh.
प्रतिकात्मक तस्वीर

यूपी में नए शासनादेश के बाद सभी धर्म-संप्रदाय वर्ग के लिए अनिवार्य हुए विवाह पंजीकरण में देरी करना अब भारी पड़ेगा। इस पर हर साल 50 रुपये की दर से बढ़ा हुआ शुल्क निबंधन व स्टांप विभाग में जमा करना होगा।

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एआईजी स्टांप व निबंधन एसके त्रिपाठी ने बताया कि विवाह पंजीकरण एक्ट लागू होने के बाद विवाह करने वाला जोड़ा जितनी देर में पंजीकरण को आवेदन करेगा उसे उतना ही ज्यादा शुल्क चुकाना होगा। पहले साल जहां यह मात्र दस रुपये होगा तो दो साल बाद शुल्क सौ रुपये और दस साल बाद पांच सौ रुपये जमा कराना पड़ेगा।
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पंजीकरण शुल्क का यह नियम हर धर्म व जाति वर्ग के लिए समान रहेगा। विवाह पंजीकरण को आवेदन निबंधन कार्यालय पहुंचकर अथवा घर बैठे ऑनलाइन करने की व्यवस्था है। इसके लिए पति और पत्नी दोनों को ही मांगी वांछित जानकारी के साथ आवेदन पत्र जरूरी दस्तावेजों के साथ संलग्न कर स्टांप व निबंधन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।
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दंपती के आधार व मोबाइल नंबर का लिंकअप भी जरूरी होगा। आवेदन में दर्ज सूचनाओं के सत्यापन के बाद विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन जेनरेट कर प्रिंट निकालने के लिए जारी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विवाह पंजीकरण अधिकारी के फैसले के खिलाफ सहायक महानिरीक्षक निबंधन के यहां अपील दाखिल होगी। नई व्यवस्था के बाद अब सभी धर्मों के युगल जोड़ों का विवाह पंजीयन भी उप निबंधक कार्यालय में हो सकेगा। इसके लिए विभागीय वेबसाइट को अपडेट कर स्पीडअप बनाने का कार्य भी अंतिम दौर में है। फिलहाल विवाह पंजीकरण शुल्क उप निबंधक कार्यालय में संचालित काउंटर पर जमा कराने की व्यवस्था की गई है।

विवाह पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज

fine for late marriage registration in Uttar Pradesh.

आधार कार्ड , पति-पत्नी के दो पासपोर्ट साइज फोटो, शादी के प्रमाण के साथ विवाह के समय का फोटोग्राफ, हाईस्कूल सर्टिफिकेट के आधार पर दंपती का जन्म प्रमाणत्र, शादी की तारीख व स्थान का प्रमाणिक अभिलेख, शादी का कार्ड अगर छपा हो।

सर्टिफिकेट एक, फायदे अनेक
विवाह पंजीकरण सर्टिफिकेट एक सरकारी दस्तावेज की तरह मान्य होगा। पासपोर्ट बनवाने या विवाह को प्रमाणित करने में वैधानिक और मान्य प्रपत्र होगा। युगल जोड़े की विदेश यात्रा आसान करेगा। बैंक या किसी अन्य सरकारी प्रतिष्ठान कार्यालय में सरनेम बदलवाने में सहायक बनेगा। पारिवारिक विवाद के दौरान विवाह विच्छेद के समय प्रभावी और मान्य प्रपत्र साबित होगा। शादी में धोखाधड़ी पकड़ने अथवा पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे के विवाद में भी सबसे अहम दस्तावेज बनेगा।

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