फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   fight in SP creating problem for others.

सपा की 'साइकिल' सीज हुई तो होगा लाखों का नुकसान

Sat, 14 Jan 2017 02:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 14 Jan 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
 fight in SP creating problem for others.
विक्रमादित्य मार्ग पर प्रचार सामग्री दिखाता एक दुकानदार - फोटो : amar ujala

सपा में मचे घमासान से पार्टी के नेता और कार्यकर्ता ही आहत नहीं हैं, राजधानी में पार्टी मुख्यालय के बाहर कई वर्षों से सपा की प्रचार सामग्री बेचने वाले दुकानदार भी मायूस हैं।

विज्ञापन


सपा की पारिवारिक कलह के चलते उनको अब तक भारी आर्थिक नुकसान हो चुका है। चुनाव आयोग ने यदि साइकिल सिम्बल सीज कर लिया तो उन्हें लाखों का नुकसान और उठाना पड़ेगा। ऐसे में वे चाहते हैं कि सपा में एका हो जाए और साइकिल सिम्बल बच जाए।
विज्ञापन


इन दुकानदारों को उम्मीद थी कि पारिवारिक लड़ाई चाहे जितनी हो, लेकिन सपा में विभाजन नहीं होगा। इसी भरोसे के चलते उन्होंने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बिल्ला, झंडा, बैनर, टोपी, की रिंग समेत लाखों रुपये की चुनाव प्रचार सामग्री तैयार करा ली थी। इन सभी पर सपा का सिम्बल ‘साइकिल’ ही छपा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

एडवांस रकम देकर बुकिंग कराने वालों को होगा भारी नुकसान

 fight in SP creating problem for others.

अब यदि चुनाव आयोग साइकिल सिम्बल सीज कर लेता है तो लाखों की प्रचार सामग्री बर्बाद हो जाएगी। वहीं, उन प्रत्याशियों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा, जिन्होंने एडवांस रकम देकर चुनाव सामग्री बुक करा ली थी।

पार्टी में सुलह-समझौते की गुंजाइश भले न दिख रही हो, लेकिन इन दुकानदारों को अब भी उम्मीद है कि सपा फिर से एक हो जाए तो उन्हें नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

हालांकि कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं, जो खुद से अधिक सपा को हो रहे नुकसान से चिंतित हैं। 1997 से पार्टी दफ्तर के बाहर प्रचार सामग्री की दुकान चला रहे शशि सक्सेना कहते हैं, मैं मुलायम परिवार से भावनात्मक रूप से जुड़ा हूं। मेरी दिली इच्छा है कि सपा फिर से एक हो जाए और उसकी ‘साइकिल’ वैसी ही चलती रहे।

सपा का मतलब ‘साइकिल’

 fight in SP creating problem for others.
प्रचार सामग्री विक्रेता दीपू अग्रवाल का कहना है कि हमलोग तो सपा का मतलब ‘साइकिल’ ही मानते हैं। इसलिए 4-5 लाख रुपये की प्रचार सामग्री तैयार करा ली थी, जिस पर साइकिल सिम्बल छपा है। हालांकि अभी जो स्थिति दिख रही है, वह काफी निराशाजनक है। हमें खुद के नुकसान से अधिक सपा के दो फाड़ होने का दुख है।

रोजी-रोटी चौपट होने के कगार पर
प्रचार सामग्री विक्रेता रवींद्र अग्रवाल कहते हैं कि मुलायम परिवार में मचे घमासान से पार्टी का नुकसान तो हुआ ही, हमलोगों की रोजी-रोटी भी चौपट होने के कगार पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed