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जमीन विवाद में दो पक्ष भिड़े, फायरिंग-मारपीट में चार घायल, दोनों में था लेनदेन का विवाद
Fri, 27 Nov 2020 10:33 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 27 Nov 2020 10:33 PM IST
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गोली लगने से घायल सुशील रावत
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ में पारा के रामपुर गांव में शुक्रवार दोपहर जमीन के विवाद में किसान उमेश रावत और प्रापर्टी डीलर सुशील रावत के बीच मारपीट और फायरिंग हुई। इसमें उमेश व उसके माता-पिता व प्रॉपर्टी डीलर घायल हो गए। पुलिस ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया है। इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह का कहना है कि किसान ने प्रापर्टी डीलिर समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। फिलहाल, आरोपी प्रापर्टी डीलर अस्पताल में पुलिस की निगरानी में उपचार करा रहा है। एफआईआर में नामजद बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि उमेश रावत ने पांच साल पहले अपनी तीन बीघा जमीन का अनुबंध बेगरिया गांव के प्रॉपर्टी डीलर सुशील रावत से किया था। सुशील उक्त जमीन पर प्लॉटिंग करा रहा था। हालांकि, उसने किसान को जमीन की पूरी रकम नहीं दी थी। सुशील ने किसान की जमीन पर छह महीने पहले खड़ंजा बिछवाने के अलावा कार्यालय के लिए एक कमरा भी बनवाया था। शुक्रवार दोपहर उमेश पिता जगन्नाथ रावत और मां दुलारी के साथ मजदूर लेकर जमीन पर गया और खड़ंजा उखाड़ने लगा। कार्यालय के लिए बने कमरे में तोड़फोड़ की जानकारी पाकर सुशील कार से सुनील, दुर्गेश समेत पांच-छह साथियों को लेकर वहां पहुंच गया। यहां कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्ष ने एक-दूसरे को लात-घूसों से पीटा व पत्थरों से हमला किया। अवैध असलहों से फायरिंग भी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि करीब छह-सात राउंड फायरिंग हुई है।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि उमेश रावत ने पांच साल पहले अपनी तीन बीघा जमीन का अनुबंध बेगरिया गांव के प्रॉपर्टी डीलर सुशील रावत से किया था। सुशील उक्त जमीन पर प्लॉटिंग करा रहा था। हालांकि, उसने किसान को जमीन की पूरी रकम नहीं दी थी। सुशील ने किसान की जमीन पर छह महीने पहले खड़ंजा बिछवाने के अलावा कार्यालय के लिए एक कमरा भी बनवाया था। शुक्रवार दोपहर उमेश पिता जगन्नाथ रावत और मां दुलारी के साथ मजदूर लेकर जमीन पर गया और खड़ंजा उखाड़ने लगा। कार्यालय के लिए बने कमरे में तोड़फोड़ की जानकारी पाकर सुशील कार से सुनील, दुर्गेश समेत पांच-छह साथियों को लेकर वहां पहुंच गया। यहां कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्ष ने एक-दूसरे को लात-घूसों से पीटा व पत्थरों से हमला किया। अवैध असलहों से फायरिंग भी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि करीब छह-सात राउंड फायरिंग हुई है।
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किसान और प्रापर्टी डीलर को लगीं गोलियां
मारपीट-फायरिंग की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इंस्पेक्टर ने बताया कि उमेश के हाथ व पेट पर दो गोलियां लगी हैं जबकि सुशील के हाथ व पैर पर गोली लगी है। उमेश के पिता जगन्नाथ रावत और मां दुलारी के सिर पर चोटें आई हैं। उनका कहना है कि प्रॉपर्टी डीलर ने गोली मारी है लेकिन पुलिस उसे ईंट या पत्थर से लगी चोट बता रही है। उमेश के भाई अशोक रावत ने सुशील, सुनील, दुर्गेश व सुशील के बेटों के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
प्रापर्टी डीलर पर खुद को गोली मारने का आरोप
ग्रामीणों ने प्रापर्टी डीलर सुशील पर पेशबंदी के तहत खुद को गोली मारने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना था कि उमेश और उसके परिवारीजन अपनी जमीन पर सुशील का बिछाया खड़ंजा उखड़वा रहे थे। इसकी जानकारी पाकर सुशील असलहाधारी साथियों को लेकर वहां आ गया और मारपीट पर उतारू हो गया। उसने पहले अवैध असलहे से हवाई फायरिंग की फिर उमेश पर गोलियां चलाईं। इसके बाद सुशील अपने हाथ और पैर पर फायर करके उमेश पर गोली मारने का आरोप लगाने लगा। पुलिस का कहना है कि जिस असलहे से गोली चली है, वह नहीं मिला है। असलहा सुशील ही लेकर आया था। आशंका है कि असलहा मौके से भागे उसके साथी ले गए हैं।
एक साल से था विवाद, थाना में हुई थी पंचायत
इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे प्लॉट बिकते जाते थे, सुशील उमेश को रुपया देता जाता था। करीब एक साल से प्लॉट के सौदे नहीं हुए जिस पर उमेश ने रुपया मांगा तो सुशील उसे टालता रहा। इसके अलावा उमेश वर्तमान दर से जमीन का रुपया मांग रहा था, जबकि सुशील अनुबंध के मुताबिक भुगतान करने पर अड़ा था। इस विवाद को निपटाने के लिए थाने में पंचायत भी कराई गई थी।
प्रापर्टी डीलर पर खुद को गोली मारने का आरोप
ग्रामीणों ने प्रापर्टी डीलर सुशील पर पेशबंदी के तहत खुद को गोली मारने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना था कि उमेश और उसके परिवारीजन अपनी जमीन पर सुशील का बिछाया खड़ंजा उखड़वा रहे थे। इसकी जानकारी पाकर सुशील असलहाधारी साथियों को लेकर वहां आ गया और मारपीट पर उतारू हो गया। उसने पहले अवैध असलहे से हवाई फायरिंग की फिर उमेश पर गोलियां चलाईं। इसके बाद सुशील अपने हाथ और पैर पर फायर करके उमेश पर गोली मारने का आरोप लगाने लगा। पुलिस का कहना है कि जिस असलहे से गोली चली है, वह नहीं मिला है। असलहा सुशील ही लेकर आया था। आशंका है कि असलहा मौके से भागे उसके साथी ले गए हैं।
एक साल से था विवाद, थाना में हुई थी पंचायत
इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे प्लॉट बिकते जाते थे, सुशील उमेश को रुपया देता जाता था। करीब एक साल से प्लॉट के सौदे नहीं हुए जिस पर उमेश ने रुपया मांगा तो सुशील उसे टालता रहा। इसके अलावा उमेश वर्तमान दर से जमीन का रुपया मांग रहा था, जबकि सुशील अनुबंध के मुताबिक भुगतान करने पर अड़ा था। इस विवाद को निपटाने के लिए थाने में पंचायत भी कराई गई थी।