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बदले मौसम का असरः 30 फीसदी बढ़े बुखार के मरीज, यहां जानें- सामान्य बुखार व कोरोना में अंतर

Sat, 03 Oct 2020 01:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 03 Oct 2020 01:51 AM IST
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fever cases increased upto 30 percent
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लखनऊ में अचानक बदले मौसम ने केजीएमयू, पीजीआई और लोहिया संस्थान की फीवर क्लीनिक में मरीजों की संख्या 30 फीसदी बढ़ा दी है। अभी तक इन क्लीनिक में करीब 400 मरीज आते थे। अब इनकी संख्या 525 के आसपास पहुंच गई है। स्क्रीनिंग के दौरान इनमें से ज्यादातर बुखार के मरीज निकल रहे हैं।
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केजीएमयू की फीवर क्लीनिक में अभी तक करीब 100 मरीज आते थे। अब इनकी संख्या 130 से तक पहुंच गई है। इसी तरह पीजीआई की फीवर क्लीनिक में भी मरीजों की संख्या करीब 30 प्रतिशत बढ़ गई है। स्क्रीनिंग के दौरान कोरोना टेस्ट के लिए भेजे जाने वाले सैंपल में पॉजिटिव आने वालों की संख्या करीब पांच फीसदी है।
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दिन व रात के पारे में 15 डिग्री तक का अंतर

सामान्य बुखार व कोरोना में अंतर
कोरोना के लक्षण
सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश के साथ सूखी खांसी, मांसपेशियों में दर्द, तेज बुखार, गंध और स्वाद का न आना।
सामान्य फ्लू के लक्षण
जुकाम, नाक बहना, बुखार, खांसी, सिरदर्द।

करीब पांच दिनों से दिन और रात के तापमान में 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर बना हुआ है। ऐसे में शाम को एसी व कूलर की हवा में सोने वाले लोगों को रात में ठंड लग जाती है। इससे संक्रमण का डर रहता है, जो बुखार की वजह बनता है। जब भी मौसम में बदलाव हो सावधानी बरतनी जरूरी होती है। पंखे को भी धीमा चलाएं। - डॉ. राजीव रतन सिंह, लोहिया संस्थान

सांस की समस्या वाले मरीज रहें सावधान 
मौसम में अचानक बदलाव से सांस के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। अस्थमा और सीओपीडी के जिन मरीजों की दवाई चल रही है वे नियमित रूप से इसे लेते रहें। अन्य लोग भी पूरी बांह के कपड़े पहनें। रात की सर्द हवा से सीने में जकड़न हो सकती है। ऐसे में दिन में भी ठंडी तासीर वाली चीजें न खाएं। - डॉ. वेद प्रकाश, विभागाध्यक्ष पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन
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